गोड्डा
1931 में कुड़मि के साथ के सभी आदिवासी एसटी तो कुड़मि क्यों नहीं
रेल टेका आंदोलन को सफल बनाने के लिए कुड़मि समाज अशोक स्तंभ में उपस्थित हुए

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
20 सितंबर 2025 को गोड्डा हंसडीहा रेललाइन जाम करेगा कुड़मि समाज
गोड्डा अशोक स्तंभ में “छोटानागपुरी कुड़मि जनजाति परिषद संथालपरगना” के संयोजक मंडली सदस्य उपस्थित होकर रेल टेका आंदोलन को सफल आयोजन हेतु रणनीति तैयार हुआ। 20 सितंबर 2025 को गोड्डा हंसडीहा रेलवे लाइन कुड़मि समुदाय जाम करेगा। 6 सितम्बर 1950 की सरकारी भूल के कारण द शेड्यूल ट्राइब आर्डर 1950 में कुड़मि का उल्लेख छुट गया जिसे भारत सरकार को सुधार का लगातार आग्रह किया जाता रहा है लेकिन अब तक कुड़मि जनजाति को अनुसुचित जनजाति (एसटी) सूची में संशोधन कर अंकित नहीं किया गया। इस सबंध में नये समुदाय वाला प्रक्रिया में बार बार कुड़मि समुदाय के विषय को धकेल दिया जा रहा है और अनावश्यक रूप से राज्य सरकार और टीआरआई के तरफ डायभर्ट कर 75 वर्षो से एसटी सुची में रहने की अहर्ता अनुशंसा के बावजूद दरकिनार रखा गया है। जबकि कुड़मि तात्कालीन एकीकृत उड़ीसा बिहार के समय 1931 व उससे पूर्व से अनुशंसित आदिवासी है जिसे 1950 की प्रथम एसटी सुची में ही उल्लेख रहना चाहिए था। इस भुल के संदर्भ में सुधार हेतु बाद के राज्य सरकारों ने भी नहीं किया और ना वर्तमान झारखंड सरकार कर रहा और ना केंद्र की सरकार स्वत: संज्ञान लेकर उक्त संशोधन कर कुड़मि को एसटी के रूप में उसी 1950 वाली सुची का अंश स्वीकार कर रही है। इस संबंध में 1950 के बाद से लगातार सरकरों से समाजिक राजनीतिक संगठनों व विधायक सांसदों द्वारा मांग रखा जाता रहा है लेकिन सरकार लगातार 75 वर्षों से नजरअंदाज कर रही है। लगातार उपेक्षा से आहत कुड़मि समुदाय द्वारा छोटानागपुर पठार ( झारखंड बंगाल उड़ीसा) में 100 जगह रेल सड़क में परिचालन रोक कर सरकार को आगाह करने के उद्देश्य से आंदोलन कर रहे हैं। इस विषय को लेकर घर्षरत गोड्डा समेत संथालपरगना के कुड़मि समुदाय ने अपनी मांगो को लेकर गोड्डा हंसडीहा रेललाइन में 20 सितम्बर 2025 से हजारों-हजार की संख्या में महिला पुरुष उपस्थित होकर जाम करेंगे। आज के तैयारी चर्चा में “छोटानागपुरी कुड़मि जनजाति परिषद संथालपरगना” के संयोजक सदस्य संजीव कुमार महतो, रविन्द्र महतो, खगेंद्र प्रसाद महतो, देवेंद्र कुमार महतो, दीपक महतो, दिनेश कुमार महतो, संजय महतो, खगेश महतो, उदय महतो, कालीचरण महतो, दिनेश महतो, राजेश महतो, रमेश कुमार महतो, सोमनाथ महतो, गौतम कुमार महतो, पंकज महतो, किशोर महतो, चंदन महतो, राकेश महतो , पिंटू महतो, महादेव महतो, हरिनंदन महतो, तारकेश्वर महतो, विक्रम महतो, लालजी महतो, सोनू महतो, गोरेलाल महतो, प्रदीप महतो, अजय कुमार महतो, गौतम महतो, सैकड़ो की संख्या में उपस्थित हुए।



