
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
पथरगामा – झारखंड सरकार की महत्वाकांक्षी योजना खेलो झारखंड का प्रखंड स्तरीय आयोजन शुक्रवार को पुरस्कार वितरण समारोह के साथ संपन्न हो गया। पथरगामा के मूनरकोठी मैदान में आयोजित इस तीन दिवसीय खेल महोत्सव में विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। हालाँकि समापन के मौके पर जहाँ एक ओर विजेता प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया, वहीं दूसरी ओर प्रतियोगिता की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो गए। कन्या मध्य विद्यालय, पथरगामा की छात्राओं ने कबड्डी मुकाबले में खुलेआम पक्षपात और रेफरी द्वारा अनुचित निर्णय देने का आरोप लगाया है। छात्राओं का कहना है कि जिस विद्यालय की टीम मैदान पर खेल रही थी, उसी विद्यालय के एक शिक्षक को स्कोरिंग टेबल पर बैठा दिया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि यह पूरी प्रक्रिया पूर्व नियोजित प्रतीत होती है, जिससे निष्पक्ष निर्णय की आशा ही समाप्त हो गई थी। छात्राओं ने बताया कि उन्होंने मौके पर ही इस अन्याय के खिलाफ आवाज़ उठाई। कुछ शिक्षकों और अन्य विद्यालयों की छात्राओं ने भी इसका विरोध किया, लेकिन आयोजन समिति और संबंधित पदाधिकारियों ने किसी की भी नहीं सुनी। एक प्रतिभागी छात्रा ने कहा, “कड़ी धूप और उमस भरी गर्मी के बावजूद हम सभी ने पूरे मनोयोग से खेल में भाग लिया। लेकिन जब मेहनत के बदले न्याय न मिले और एकतरफा फैसले किए जाएं, तो बेहद निराशा होती है।” छात्राओं ने यह भी मांग की कि भविष्य में इस प्रकार की अनियमितताओं पर रोक लगाने के लिए सख्त व्यवस्था हो और रेफरी तथा स्कोरिंग कर्मियों की नियुक्ति पूरी पारदर्शिता के साथ की जाए। पथरगामा बीपीओ मरियम सोरेन से जानकारी लेने का प्रयास किया गया पर उन्होंने मीटिंग में होने का हवाला दिया, जिससे बात नहीं हो पाई।




