पाकुड़

शिविर में 57 करोड़ 15 लाख 88 हजार 270 रुपए की परिसम्पति का किया वितरण

Assets worth Rs 57 crore 15 lakh 88 thousand 270 were distributed in the camp.

नेशनल प्रेस टाइम्स ब्यूरो।
पाकुड़। जिला विधिक सेवा प्राधिकार पाकुड़ एवं जिला प्रशासन पाकुड़ के तत्वावधान में रविंद्र भवन टाउन हॉल में विधिक सेवाएं सशक्तिकरण शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन झारखण्ड उच्च न्यायालय के माननीय न्यायमूर्ति श्री संजय प्रसाद, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार श्री शेषनाथ सिंह, उपायुक्त सह उपाध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार मनीष कुमार एवं जिला वन प्रमंडल पदाधिकारी श्री सौरभ चन्द्रा, उप विकास आयुक्त महेश कुमार संथालिया, परियोजना निदेशक, आईटीडीए अरूण कुमार एक्का, अपर समाहर्ता जेम्स सुरीन, सचिव, जिला बार एसोसिएशन श्री दीपक कुमार ओझा एवं अनुमंडल पदाधिकारी साईमन मरांडी के द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया। झारखंड उच्च न्यायालय के न्यायाधीश संजय प्रसाद ने कहा कि जब किसी जिले में संवेदनशील और सक्षम अधिकारी आते हैं और लोग जागरूक होते हैं, तो सुधार और विकास की संभावनाएं स्वतः बढ़ जाती हैं। इससे लोगों की जीवनशैली और लिविंग स्टैंडर्ड में सकारात्मक बदलाव आता है तथा प्रशासनिक व्यवस्था और बेहतर होती है। न्यायमूर्ति ने प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश शेषनाथ सिंह की सराहना करते हुए कहा कि वे एक सुलझे हुए न्यायाधीश हैं और न्यायिक कार्यों में सदैव संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाते हैं। उन्होंने जिला प्रशासन और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) की गतिविधियों की सराहना की और कहा कि इनके माध्यम से आम नागरिकों को कानूनी जागरूकता एवं विभिन्न सेवाओं का लाभ मिल रहा है। न्यायमूर्ति ने बताया कि जिन व्यक्तियों की वार्षिक आय 3 लाख से कम है तथा जो अनुसूचित जाति/जनजाति से आते हैं, वे निःशुल्क में सरकारी वकील पाने के योग्य हैं। इसके अलावे प्रत्येक प्रखण्ड में केन्द्रीय प्रतिनियुक्त विधिक टीम मौजूद रहती है, जहां से लोग निःशुल्क परामर्श प्राप्त कर सकते हैं। न्यायमूर्ति ने कहा कि पाकुड़ जिले में उपायुक्त मनीष कुमार ने अल्प समय में उल्लेखनीय कार्य किए हैं। उन्होंने वृद्धजनों, महिलाओं और बच्चों के लिए बेहतर देखभाल, आश्रय गृहों की व्यवस्था, नशा मुक्ति तथा स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार लाने के साथ-साथ सामाजिक सरोकारों को प्राथमिकता दी है। वृद्धाश्रम और आश्रय गृह में जाकर बुजुर्गों एवं बच्चों के प्रतिसम्मान और संवेदनशीलता दिखाना, उनकी देखभाल और शिक्षा की व्यवस्था करना समाज के लिए एक अनुकरणीय उदाहरण है। उपायुक्त मनीष कुमार ने कहा कि जिस प्रकार पाकुड़ जिला झारखण्ड के नक्शे में भौगोलिक रूप से ऊंचाई पर स्थित है, उसी प्रकार विकास के पैमाने पर भी इसे शीर्ष पर लाने के लिए जिला प्रशासन पूरी मेहनत और समर्पण के साथ कार्य कर रहा है। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में जिला प्रशासन को अनेक क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां प्राप्त हुई हैं। विधानसभा चुनावों के सफल संचालन के लिए पाकुड़ को चुनाव आयोग द्वारा सम्मानित किया गया। मनरेगा में जिला झारखंड राज्य में प्रथम स्थान पर रहा, जबकि पीएम आवास योजना और जनमन जैसी महत्वाकांक्षी योजनाओं में भी पाकुड़ ने शीर्ष स्थान प्राप्त किया है। पंचायत असेसमेंट इंडेक्स में जिले को टॉप 50 में स्थान मिला तथा पाकुड़िया प्रखण्ड द्वितीय स्थान पर रहा। शिक्षा के क्षेत्र में भी बड़ी प्रगति दर्ज की गई है। वर्ष 2024 में बोर्ड परीक्षा परिणामों में पाकुड़ जिला 22वें स्थान से छलांग लगाकर द्वितीय स्थान पर पहुंच गया। नीति आयोग के विभिन्न सूचकांकों में जिले ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया और पीवीटीजी समुदायों पर आधारित केस स्टडी को राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया। स्वास्थ्य क्षेत्र में कालाजार, फाइलेरिया, टीबी और कुष्ठ जैसी बीमारियों के उन्मूलन के लिए अभियान चलाए गये। टीवी मरीजों को अधिकारियों द्वारा गोद लेने की अनूठी पहल भी की गई है। प्रोजेक्ट जागृति और नशा मुक्ति अभियान को व्यापक सफलता मिली है। उपायुक्त ने बताया कि प्रोजेक्ट परिवर्तन के अन्तर्गत कैदियों एवं नशा मुक्त व्यक्तियों को पुनर्वासित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। वही प्रोजेक्ट समावेश से दिव्यांगजन, ट्रांसजेंडर, महिलाएँ और वृद्धजन मुख्यधारा से जोड़े जा रहे हैं। महिलाओं के लिए प्रोजेक्ट बदलाव के तहत शिक्षा, आजीविका और जीवनशैली में सुधार की दिशा में कार्य किया जा रहा है। राजस्व कार्यों में भी जिला प्रशासन ने उल्लेखनीय प्रगति की है। पिछले एक वर्ष में राजस्व मामलों की पेंडेंसी घटाकर पाकुड़ को राज्य में दूसरे स्थान पर लाया गया है। नीलाम पत्रों के निस्तारण में भी जिले ने रिकॉर्ड प्रदर्शन किया है।उपायुक्त ने कहा कि इन सभी उपलब्धियों के पीछे जिला प्रशासन की समर्पित टीम, फ्रंटलाइन वर्कर्स, शिक्षक, सेविका-सहायिका और जनता का सहयोग है। उन्होंने सभी को धन्यवाद ज्ञापित किया और कहा कि आने वाले समय में भी जिले को विकास के प्रत्येक सूचकांक पर अग्रणी बनाने का प्रयास जारी रहेगा। शिविर में लगभग 57 करोड़ 15 लाख 88 हजार 270 रुपए की परिसंपत्तियों का वितरण विभिन्न लाभुकों के बीच किया गया। पीएम जनमन आवास योजना में 300 लाभुकों के बीच 6 करोड़ रुपए की स्वीकृति पत्र, प्रधानमंत्री आवास योजना, ग्रामीण में 300 लाभुकों के बीच 3 करोड़ 60 लाख की स्वीकृति पत्र एवं अबुआ आवास योजना में 800 लाभुकों के बीच 16 करोड़ की स्वीकृति पत्र का वितरण किया गया। जिला कल्याण कार्यालय, पाकुड़ के द्वारा 3000 छात्र/छात्राओं के बीच साईकिल का वितरण, मुख्यमंत्री स्वास्थ्य सहायता योजना के तहत 70 लाभुकों के बीच 6 लाख 50 हजार, पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत 280 लाभुकों के बीच 40 लाख, प्री मेट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत 6 करोड़ 50 लाख का वितरण किया गया। जिला परिवहन कार्यालय के द्वारा हिट एंड रन मोटर दुर्घटना पीड़ित को मुआवजा योजना के तहत 2 लाभुकों को 4 लाख रुपए का चेक प्रदान किया गया। इस कार्यक्रम में पलाश, JSLPS, पाकुड़ के अंतर्गत सखी मंडल दीदी के बीच परिसंपत्तियों का वितरण भी किया गया। जिसमें सामुदायिक निवेश निधि के रूप में कुल 1500 एसएचजी सखी मंडल से जुड़ी हुई दीदियों को कुल 7 करोड़ 67 लाख रुपए की राशि, चक्रीय निधि के रूप में कुल 36 सखी मंडल में जुड़ी हुई कुल 36 सखी मंडल दीदीयों को कुल 10 लाख 80 हजार रुपये का वितरण किया गया। मनरेगा योजना के तहत 285 लाभुकों के बीच बिरसा हरित ग्राम योजना में 11 करोड़ 5 लाख रुपए का वितरण किया गया। भूमि संरक्षण विभाग के द्वारा एक लाभुक के बीच 5 लाख का बड़ा ट्रेक्टर चाभी, एक लाभुक के बीच 30 हजार का पम्पसेट का वितरण किया गया। उद्योग विभाग के द्वारा पीएमएफएमई योजना के तहत 19 लाभुकों के बीच 81 लाख 25 हजार 270 रूपए एवं पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत एक लाभुक के बीच 1 लाख रुपए का वितरण किया गया। आपदा में 2 लाभुक के बीच 2 लाख का वितरण किया गया। सामाजिक सुरक्षा विभाग अंतर्गत स्पांसन्सरशीप योजना के तहत 2 लाभुक के बीच 8 हजार रुपए का वितरण किया गया। पंचायत विभाग द्वारा पंचायत सुदृढ़ीकरण अंतर्गत 128 पंचायत मुखिया के बीच 2 करोड़ 30 लाख 40 हजार का वितरण किया गया। श्रम विभाग के द्वारा श्रमिक औजार सहायता योजना अंतर्गत 431 लाभुकों के बीच 21 लाख 55 हजार रूपए का वितरण किया गया। उपायुक्त मनीष कुमार ने कहा कि हम सब आदि कर्मयोगी बनें। हम सब मिलकर अपने जिला पाकुड़ को स्वच्छ एवं स्वस्थ रखने में अपनी सार्थक भूमिका निभाएँ। “स्वस्थ नारी सशक्त परिवार” के तहत हम लोग अपने स्तर से अपने परिवार एवं आसपास के महिलाओं को पूर्ण सम्मान दें। पोषण माह में पौष्टिक आहार के बारे में सबको जानकारी दें। नशे से स्वयं एवं परिवार को दूर रखें। बाल विवाह ना होने दें और ना उसके आयोजन में स्वयं शामिल हों। आइए आदि सेवा पर्व में अपनी सेवा देश के लिए दें और साथ ही अपने पाकुड़ को और स्वस्थ, सुन्दर एवं समृद्ध बनायें। सही पोषण देश रोशन। स्वच्छता ही सेवा है! हम सब आदि कर्मयोगी बने। मौके पर सिविल सर्जन डॉ सुरेन्द्र कुमार मिश्रा, अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी सह- प्रभारी डालसा सचिव विशाल मांझी, जिला आपूर्ति पदाधिकारी अभिषेक कुमार सिंह, प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी विजय कुमार दास, मुख्यालय डीएसपी जितेन्द्र कुमार समेत अन्य उपस्थित रहे।

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