प्रोजेक्ट समावेश के तहत जागरूकता रथ को बाल आश्रय गृह परिसर से किया रवाना
Under Project Inclusion, the awareness chariot was flagged off from the Children's Home premises.

नेशनल प्रेस टाइम्स ब्यूरो।
पाकुड़। झारखंड उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति संजय प्रसाद ने आज चापाडांगा स्थित बाल आश्रय गृह परिसर में नवस्थापित डिस्पेंसरी एवं कम्प्यूटर कक्ष का विधिवत उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रोजेक्ट समावेश के अंतर्गत जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। झारखण्ड उच्च न्यायालय के माननीय न्यायमूर्ति श्री संजय प्रसाद ने कहा कि आश्रय गृह में रह रहे जरूरतमंद बच्चों, महिलाओं एवं वृद्धजनों के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधा की उपलब्धता अत्यंत सराहनीय पहल है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि डिस्पेंसरी की यह व्यवस्था सभी लाभार्थियों के लिए जीवन-रक्षक सिद्ध होगी। उन्होंने जिला प्रशासन द्वारा प्रोजेक्ट समावेश के तहत किए जा रहे प्रयासों की सराहना की और कहा कि इस प्रकार की योजनाएं समाज में समावेशी वातावरण के निर्माण में सहायक सिद्ध होंगी। इसमें जिला प्रशासन के साथ-साथ नालसा एवं डालसा की भूमिका भी महत्वपूर्ण है। माननीय न्यायमूर्ति ने कहा कि बच्चों को कंप्यूटर शिक्षा से जोड़ने से उनका मनोबल बढ़ेगा और वे नियमित रूप से स्कूल जाने के लिए प्रेरित होंगे। उन्होंने इस पहल को अनुकरणीय बताते हुए प्रसन्नता व्यक्त की। इस अवसर पर बच्चों ने गीत, पेंटिंग एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दीं, जिनकी उन्होंने सराहना की और बच्चों को सम्मानित भी किया। कार्यक्रम के अंत में बच्चों का सामूहिक जन्मदिन उत्साहपूर्वक मनाया गया एवं बच्चों के बीच शिक्षण सामग्री वितरण किया गया। जन लोक कल्याण परिषद के कार्यक्रम प्रबंधक कुंदन कुमार प्रमाणिक एवं बाल आश्रय गृह के प्रभारी संजय कुमार* ने माननीय न्यायमूर्ति एवं जिला प्रशासन, पाकुड़ के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि इस पहल से संस्था की सेवा क्षमता में वृद्धि होगी तथा जरूरतमंदों को सम्मानजनक व स्वस्थ जीवन जीने का अवसर मिलेगा। उद्घाटन समारोह में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार शेषनाथ सिंह, उपायुक्त मनीष कुमार, जिला वन प्रमंडल पदाधिकारी सौरभ चन्द्रा, न्यायिक अधिकारी, प्रशासनिक पदाधिकारी एवं आश्रय गृह के पदाधिकारी उपस्थित थे।



