
स्कूलों की मान्यता देने में होता है भारी भ्रष्टाचार, सरकारी नियमों की होती है अनदेखी
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
सिंगरौली। देवसर विकास खंड अन्तर्गत छमरछ पंचायत मे एक निजी विद्यालय जो रहायसी मकान मे संचलित हो रही है, उक्त मकान मे व्यसाय के लिए विद्यालय संचालित है, सामने रोड पर पूरा कमरा सटर मे तब्दील है। जी हां, देख कर आप भी चौक जाएगे,सिंगरौली शिक्षा विभाग भ्रष्टाचार का भेंट चढ गया,विभागीय आधिकारी स्थल निरीक्षण दप्तर मे बैठे कोरम पूरा कर लेते है जानते है क्यो? फिर भी साहब मौका स्थल का निरीक्षण करना उचित नहीं समझते। हालकी जिले का यह कोई पहला स्कूल नही है, जिले मे देखा जाय तो इस तरह के बहुत सारे विद्यालय संचालित है, जिनके पास न प्रयाप्त खेल मैदान है और न ही योग्य शिक्षक, और वो भी बिना डीएड बीएड वाले ज्यादा तर विद्यालय मे देखने को मिल रहे है। शिक्षा जिसे समाज का सबसे पवित्र और भविष्य गढने वाला विभाग माना जाता है, सिंगरौली मे शिक्षा विभाग मे भ्रष्टाचार की बू आ रही है एवं नौनिहालों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है।
ऐसे मे भ्रष्टाचार पर अंकुश कौन लगाऐगा,पूरे जिले मे देखा जाय तो कुछ निजी विद्यालय के संचालक के पास प्रयाप्त वाहन नही है, बच्चोँ को ठूस ठूस कर भर दिया जाताहै, अभि हाल मे एक निजी विद्यालय के बस से चार बच्चे गिर गये जिनकी हालात गंभीर बताई जा रही है, कौन है जिम्मेदार? शिक्षा विभाग के कार्यप्रणाली पर उठ रहे बडे सवाल?सवाल उठना भी लाज्मि है जिला अधिकारी से अब नही संभल रह जिला,विद्यायल संचालक कर रहे हैं मनमानी।
दरअसल छमरछ पंचयात मे आक्सफोर्ड पब्लिक स्कूल छमरछ के संचालक छमरछ पंचायत के सरपंच है,स्कूल मे सिर्फ 6 शिक्षक ही दिखे, 6 शिक्षकों के दम पर चल रहा 1से आठ तक विद्यालय वो भी निजी रहायसी मकान मे, रोड पर सामने सटर, स्कूल का न बोर्ड न बैनर और न सूचना पटल, बच्चों को बैठने की न सुविधा न खेल मैदान, जमीन नीचे टाट बिछा कर कर रहे पढ़ाई जिला प्रशासन से स्थानीय लोगों ने माग की है की विद्यालय की जांच कर उचित कार्यवाही की जाए।



