परिवार के मन की बात चिट्ठी के साथ – प्राथमिक शिक्षक एसो. ने चलाया अभियान
पहले पुरानी पेंशन अब नौकरी छीनने की तैयारी

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
अमेठी। मंगलवार को प्राथमिक शिक्षक प्रशिक्षित स्नातक एसोसिएशन अमेठी के आवाहन पर जनपद के सभी डाकघरों में शिक्षकों के परिवारों की तरफ से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अपनी व्यथा चिट्ठी के माध्यम से भेजी गई। जिला अध्यक्ष महेंद्र प्रताप मिश्र ने बताया कि संगठन द्वारा पूरे प्रदेश में यह अभियान चलाया जा रहा है । शिक्षा का अधिकार अधिनियम में 2017 में हुए संशोधन के कारण ही सर्वोच्च न्यायालय द्वारा सभी के लिए टी ई टी अनिवार्य किए जाने का आदेश दिया जो अन्यायपूर्ण है इसलिए 2017 में आरटीई 2009 में किया गये संशोधन को निरस्त किया जाना चाहिए । जिला उपाध्यक्ष अरविंद पाण्डेय एवं दिनेश तिवारी ने बताया कि ऐसा कोई भी कानून नहीं है जो अपनी जन्म से पहले की पीढ़ी पर लागू हो किंतु इस आदेश में ऐसी ही समस्या उत्पन्न हो गई है। गौरीगंज अध्यक्ष सतेंद्र सिंह एवं सहसंयोजक रमेश प्रजापति के नेतृत्व में सैकड़ो शिक्षक गौरीगंज डाकघर पहुंच कर उनके परिवार द्वारा लिख कर दी गई चिट्ठी को एक साथ रजिस्टर डाक से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भेजा गया। परिवार द्वारा अपनी चिट्ठी में अवगत कराया है की नौकरी जाने से उनके परिवार की क्या हालत हो जाएंगी न बच्चों की फीस होगी, न बीमारी का इलाज , न परिवार का खर्च चलेगा। उन्हें यह भी याद दिलाया कि पूर्व में आपकी पार्टी की सरकार पुरानी पेंशन को समाप्त की थी और अब नौकरी समाप्त करने की कोशिश की जा रही है । जब नियुक्ति की गई थी। उस समय उस पद की जो भी योग्यता निर्धारित थी उसे पूर्ण करने पर ही नियुक्ति हुई थी, अब बीच में योग्यता का निर्धारण करना अन्यायपूर्ण है। प्रधानमंत्री जी के ऊपर अपना पूर्ण विश्वास व्यक्त करते हुए इस 2017 में किए गए संशोधन को निरस्त करने की मांग की एवं मांग न पूरी होने पर पूरा परिवार आगामी चुनाव का भी बहिष्कार करेगा । इसी तरह शाहगढ़ डाकघर में श्याम बहादुर शुक्ल, विश्वबंधु उपाध्याय के नेतृत्व में , अमेठी में विवेकानंद द्विवेदी, बाबूगंज में रजनीश द्विवेदी एवं फारूक अहमद, फुरसतगंज में महेश तिवारी, रानीगंज में दिनेश यादव, जायस में रुस्तम कुमार, भेंटुआ में महेंद्र जायसवाल, मुसाफिरखाना में दिनेश तिवारी एवं अहोरवा भवानी में मनमोहन शुक्ल के नेतृत्व में कार्यक्रम आयोजित हुआ।

