सिंगरौली
विधायक को सत्ता का घमंड या आस्था का अपमान
सिंगरौली विधानसभा क्षेत्र-80 के विधायक रामनिवास शाह जूते पहनकर पहुँचे माता रानी मंदिर धार्मिक भावनाएँ आहत

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
सिंगरौली। सिंगरौली जिले के विधानसभा क्षेत्र-80 के विधायक रामनिवास शाह का एक विवादित कृत्य सामने आया है, जिसने पूरे इलाके में धार्मिक उबाल पैदा कर दिया है। विधायक साहब माता रानी की मूर्ति स्थल पर जूते पहने ही पहुँच गए। यह दृश्य वहाँ मौजूद श्रद्धालुओं ने अपनी आँखों से देखा और कुछ ने मोबाइल कैमरे में कैद कर लिया। वीडियो वायरल होते ही यह मामला गाँव से लेकर जिले और सोशल मीडिया तक छा गया।
श्रद्धालुओं में रोष ‘यह देवी का नहीं, हमारी आस्था का अपमान
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है-हम सामान्य लोग मंदिर में कदम रखने से पहले जूते उतारते हैं, पवित्रता का ध्यान रखते हैं। लेकिन विधायक साहब ने आस्था और परंपरा को रौंद दिया। यह तो निंदनीय है।
विपक्ष का हमला ऐसे प्रतिनिधि को जनता बर्दाश्त नहीं करेगी
विधायक के इस कदम पर विपक्षी दलों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उनका कहना है कि यह कृत्य धार्मिक भावनाओं का अपमान है। जनता ने इन्हें सेवा और विकास के लिए चुना था, न कि आस्था के अपमान के लिए। अगर इनमें संवेदनशीलता नहीं है तो इन्हें विधायक बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं।
माफी की माँग, आंदोलन की चेतावनी
घटना के बाद से धार्मिक संगठनों और श्रद्धालुओं ने विधायक से सार्वजनिक माफी की माँग की है। चेतावनी दी गई है कि यदि शीघ्र ही क्षमा नहीं माँगी गई, तो इसके खिलाफ जिलेभर में आंदोलन खड़ा किया जाएगा।
बड़ा सवाल
क्या विधायक रामनिवास शाह सत्ता के मद में इतने चूर हैं कि उन्हें मंदिर की मर्यादा तक याद नहीं रही
क्या जनप्रतिनिधि समाज से ऊपर हैं कि वे आस्था और परंपरा का अपमान करके भी जवाबदेह न हों और आखिर जनता कब तक ऐसे असंवेदनशील नेताओं को सहन करती रहेगी?
सिंगरौली विधानसभा क्षेत्र-80 के विधायक का यह कदम केवल एक चूक नहीं, बल्कि धार्मिक असंवेदनशीलता और सत्ता के अहंकार का खुला प्रदर्शन है। यदि उन्होंने तुरंत माफी नहीं माँगी तो यह विवाद उनकी राजनीतिक ज़मीन खिसकाने में अहम साबित हो सकता है।



