अमरोहा
अमरोहा में 62 साल पुरानी रामलीला में हुआ वास्तविक कन्यादान
कमेटी ने नवविवाहिता को दिए उपहार, राम-सीता की झांकी से सजा मंच

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले के ढवारसी गांव में 62 साल पुरानी रामलीला ने इस बार एक अनूठी पहल की। रामलीला मंचन के दौरान, जहां कन्यादान की लीला का मंचन होना था, वहीं गांव की एक बेटी का वास्तविक कन्यादान भव्य और धार्मिक रीति-रिवाजों से संपन्न कराया गया। यह आयोजन परंपरा और सामाजिक जिम्मेदारी का अद्भुत संगम बन गया। रामलीला मंच को राम-सीता की झांकी से सजाया गया था। इसी आध्यात्मिक वातावरण में, संभल जिले के सैजनी गांव से राजवीर के बेटे राजेश की बारात ढवारसी में कलुआ के घर पहुंची। रामलीला मंच पर वर राजेश और वधू संगीता ने वरमाला पहनी और विवाह की सभी रस्में पूरी कीं। हजारों की संख्या में दर्शक इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बने। स अनूठी पहल की जिम्मेदारी रामलीला कमेटी के अध्यक्ष अंकुर त्यागी ने संभाली थी। उन्होंने मंचन के दौरान ही गांव की बेटी का वास्तविक कन्यादान कराने का निर्णय लिया, ताकि समाज को एक नई दिशा दी जा सके। उनके इस निर्णय को पूरे गांव और कमेटी सदस्यों का पूर्ण समर्थन मिला। विवाह को और विशेष बनाने के लिए, रामलीला कमेटी के सदस्यों ने ग्रामीणों के सहयोग से वधू को दिए जाने वाले सभी उपहारों का इंतजाम किया। यह आयोजन इतना भव्य था कि रामलीला अपनी धार्मिक परंपरा के साथ-साथ गांव की सामाजिक जिम्मेदारी निभाने में भी शामिल हो गई। कमेटी अध्यक्ष अंकुर त्यागी और प्रबंधक राजेश शर्मा ने नवविवाहित जोड़े को आशीर्वाद दिया। उन्होंने कहा कि यह आयोजन केवल एक विवाह नहीं, बल्कि समाज के लिए एक प्रेरणा है। उन्होंने इसे गांव की एकजुटता और बेटी के सम्मान का एक उदाहरण बताया। इस आयोजन ने आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को यह संदेश दिया कि सामूहिक सहयोग से किसी भी बेटी की शादी सम्मानपूर्वक संपन्न कराई जा सकती है। विवाह की रस्मों के दौरान रामलीला मैदान भजनों और शंखध्वनि से गूंज उठा, जिससे पूरा माहौल आध्यात्मिक और उत्साहपूर्ण हो गया।




