अमरोहा

विवाहिता की हत्या में पति समेत 4 दोषी करार

कोर्ट ने 3 ससुरालियों को दहेज उत्पीड़न का दोषी माना, सजा पर 29 सितंबर को सुनवाई

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
अमरोहा की एक अदालत ने विवाहिता रहनुमा की हत्या के मामले में उसके पति समेत चार लोगों को दोषी करार दिया है। इसके अलावा, तीन ससुरालियों को दहेज उत्पीड़न का दोषी पाया गया है। यह मामला सैदनगली थानाक्षेत्र से जुड़ा है, जहां 2020 में रहनुमा का शव मिला था। मोहम्मद राशिद ने अपनी बेटी रहनुमा की शादी 24 मार्च 2019 को हापुड़ के गढ़ मुक्तेश्वर निवासी शहजाद उर्फ गुड्डू से की थी। शादी के बाद से ही ससुराल वाले रहनुमा को दहेज के लिए प्रताड़ित करने लगे थे। 21 जनवरी 2020 को, गर्भवती रहनुमा को मारपीट कर घर से निकाल दिया गया, जिसके बाद वह अपने मायके में रह रही थी। 26 जनवरी 2020 को, पति शहजाद उर्फ गुड्डू दो अज्ञात साथियों के साथ रहनुमा को घर ले जाने की बात कहकर अपने साथ ले गया। अगले दिन, 27 जनवरी की सुबह, पास के गांव भीकनपुर स्थित एक आम के बाग में रहनुमा का शव मिला। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पुष्टि हुई कि उसकी गला दबाकर हत्या की गई थी और सिर में सरिया भी घोंपा गया था। रहनुमा के पिता ने पति शहजाद उर्फ गुड्डू, सास-ससुर, जेठानी समेत अन्य ससुराल वालों और दो अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने जांच के बाद पति शहजाद उर्फ गुड्डू, ससुर हाजी इकराम, सास शकील, जेठानी शबा उर्फ वाटो, उस्मान, शादाब, सद्दाम, फरमान और लुकमान के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। अपर जिला जज विशेष एससी एसटी एक्ट की अदालत में इस मामले की सुनवाई हुई। अदालत ने शहजाद उर्फ गुड्डू, उस्मान, शादाब और सद्दाम को हत्या का दोषी पाया। वहीं, ससुर हाजी इकराम, सास शकीला और जेठानी शबा उर्फ वाटो को दहेज उत्पीड़न का दोषी माना गया। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता राकेश मिश्रा ने बताया कि अदालत ने दोषी सास-ससुर को दो-दो साल और जेठानी को तीन साल कैद की सजा सुनाई है। उन पर छह-छह हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। फरमान और लुकमान को इस मामले से बरी कर दिया गया है। हत्या के दोषी शहजाद उर्फ गुड्डू, उस्मान, शादाब और सद्दाम की सजा पर फैसला 29 सितंबर को सुनाया जाएगा।
Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button