
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बहराइच। तहसील महसी के ग्राम पंचायत सधुवापुर के मुडहेरा गांव में जारी सात दिवसीय श्रीमद्भागवत । कथा के चौथे दिन शुक्रवार को प्रवाचक आदर्श कृष्ण तिवारी महाराज जी ने श्रोताओं को सत्यवादी राजा हरिश्चंद्र के चरित्र की कथा सुनाते हुए कहा कि एक दिन ब्रह्मसभा में सत्यवादी व महादानी हरिश्चंद्र के विषय को लेकर गाधि तनय मुनि विश्वामित्र और सूर्यकुल के गुरु मुनि वशिष्ट के बीच उलझे विवाद में परिवार सहित पिस गये सत्यवादी राजा हरिश्चंद्र, जिन्हें राज पाठ छोड़कर पत्नी पुत्र के साथ काशी की बाजार में बिक जाना पड़ा और मरघट का पानी पीना पड़ा,फूलों के बिस्तर पर सोने वाली महारानी तारा को एक समय में इकलौते मृत पुत्र रोहित की लाश के लिए कफन तक नसीब नहीं हुआ और उन्हें अपने तन पर पहन रखी साडी चीर कर कफन बनाना पडा लेकिन सत्य का मार्ग नहीं छोड़ा। प्रवाचक ने कहा कि हमेशा जीत सत्य की ही होती है,राज-पाट, पत्नी पुत्र,तथा सुख वैभव तज सतमार्ग पर चलने वाले सत्यवादी राजा हरिश्चंद्र की पावन कथा युगों-युगों तक गायी जाती रहेगी।
कार्यक्रम के दौरान प्रवाचक के साथ वादक कमलनयन,राघव कुमार, हिमांशु के संगीत ने लोगों का मन मोह लिया। इस मौके पर जमुना प्रसाद, अमरनाथ तिवारी, संजय कुमार, ललित कुमार, आशीष कुमार,अभिनय कुमार , विश्वभर शुक्ला, सुधाकर शुक्ला,अमित शुक्ला, रामकरण तिवारी, संतोष तिवारी, शिवाजी, रानाजी, लालता प्रसाद,करन, अर्जुन, ज्वाला बाजपेई, महेश कुमार, विनोद कुमार,सूरज कुमार,छोटू,नीरज,विष्णू कुमार, विनय कुमार,भीम, ताराचंद, प्रदीप कुमार, हरिद्वार प्रसाद, अनिल कुमार आदि सहित भारी संख्या में श्रोतागण उपस्थित रहे।



