गाजियाबाद
लोनी की सड़कों पर फर्राटा भरते “विशेषाधिकार प्राप्त” वाहनों की भरमार
पुलिस देखती है... पर अनदेखा करने की आदत से मजबूर
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
लोनी। लोनी क्षेत्र की सड़कों पर प्रतिबंधित स्टीकर लगे वाहन दिन-रात सरपट दौड़ रहे हैं। पुलिस, पत्रकार, कोर्ट और राजस्व विभाग लिखे और जाने कितने ही विशेषाधिकार प्राप्त स्टीकर चमचमाते वाहनों पर ऐसे लहरा रहे हैं मानो लोनी की ये सड़कें इनकी अपनी पुश्तैनी संपत्ति हों।
हैरानी की बात तो यह है कि यही वाहन ट्रैफिक पुलिस और थाना पुलिस के सामने से ही गुजरते हैं और सायरन की तरह स्टीकर बजा-बजा कर पुलिस को मानो आंख मारते हैं ऐसा लगता है कि पुलिस प्रशासन, मानो इन स्टिकरों को देखकर “सलाम” ठोकने के अलावा कुछ करने को अपनी तौहीन समझता है।
कोर्ट ने साफ हिदायत दे रखी है कि इस तरह के शब्द लिखे वाहनों पर लगे स्टीकरों पर रोक है, लेकिन लोनी की धरती पर शायद कानून का राज नहीं, बल्कि स्टीकरों का साम्राज्य चलता है। थाना और चौकियों के सामने से फर्राटा भरते वाहन पुलिस के लिए जैसे “मिसाल” बन गए हैं— कानून सबके लिए बराबर है, पर कुछ के लिए कागज़ पर दिखावे के लिए ही है।
जनता अब यह जानना चाहती है कि पुलिस ऐसे वाहनों के खिलाफ कार्यवाही कब करेगी— सूचना मिलने पर या फिर तभी, जब पुलिस “कुंभकर्ण की नींद” से उठेगी?


