नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
लोनी: लोनी के एक दुष्कर्म के मामले में आखिरकार 11 साल बाद पीड़िता को न्याय मिला । वर्ष 2015 में हुई इस घटना में आठ वर्षीय मासूम बच्ची से भरत पाल नाम के आरोपी ने दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया था। लंबे कानूनी संघर्ष और परिवार पर आए समझौते के दबाव और धमकियों के बावजूद, पीड़िता के परिवार ने हार नहीं मानी।माननीय न्यायालय ने आज आरोपी को दोषी ठहराते हुए 20 वर्ष का कठोर कारावास और 50 हजार रुपये का जुर्माने का फैसला सुनाया। पीड़िता को मुफ्त कानूनी सहायता अधिवक्ता आभा सिंह ने प्रदान की। कोर्ट ने अपने फैसले में मौके से बरामद सबूतों को आधार बनाकर अपना फैसला सुनाया।अभियोजन पक्ष की मेहनत और सबूतों के आधार पर मामला न्यायालय में साबित हुआ। इस घटना ने समाज में बच्चों की सुरक्षा और उनके प्रति बढ़ती दरिंदगी की मानसिकता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
विशेषज्ञों और सामाजिक संगठनों का मानना है कि ऐसे मामलों में समाज को सचेत रहना और बच्चों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाना आवश्यक है।इस घटना ने यह स्पष्ट कर दिया कि बच्चों के साथ अपराध करने वाले अपराधियों को किसी भी कीमत पर बचाया नहीं जा सकता, और न्याय पाने के लिए परिवार और पीड़ित का संघर्ष निर्णायक होता है।
