सिंगरौली

30 हजार रिश्वत लेते डाक्टर गिरफ्तार

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सर्पदंश दर्ज करने के लिए मांगे थे 1 लाख रुपए, लोकायुक्त रीवा की टीम ने दबोचा

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
सिंगरौली। जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को कलंकित करने वाला एक गंभीर मामला सामने आया है। चितरंगी स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ चिकित्सा अधिकारील डॉ. अमरजीत सिंह और सुपरवाइजर राजकुमार वैश्य को लोकायुक्त रीवा की टीम ने रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। दोनों ने मृतक के परिजनों से पोस्टमार्टम रिपोर्ट (पीएम रिपोर्ट) में मौत का कारण सर्पदंश दर्ज करने के एवज में एक लाख रुपए की रिश्वत की मांग की थी। मामला बगैया गांव का है, जहां की निवासी फूलमती सिंह ने लोकायुक्त रीवा में शिकायत दर्ज कराई थी। फूलमती सिंह के पति जयपाल सिंह की जून 2025 में सांप के काटने से मौत हो गई थी। लेकिन पीएम रिपोर्ट में इस बात का उल्लेख दर्ज कराने के लिए डॉ. अमरजीत सिंह और सुपरवाइजर राजकुमार वैश्य ने परिजनों पर दबाव बनाकर 1 लाख रुपए घूस देने की मांग की।
शिकायत पर कार्रवाई
लोकायुक्त टीम ने शिकायत का बारीकी से सत्यापन कराया। शिकायत सही पाए जाने पर रीवा संभाग के लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार पाटीदार के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। टीम ने रणनीति के तहत परिजनों को रकम देने के लिए निर्देशित किया। शुक्रवार को जैसे ही 30 हजार रुपए। रुपए की पहली किस्त आरोपी डॉक्टर और सुपरवाइजर ने ली, टीम ने तत्काल दबिश देकर दोनों को रंगे हाथों पकड़ लिया। इस कार्रवाई में लोकायुक्त निरीक्षक संदीप सिंह भदौरिया, निरीक्षक एस. राम मरावी समेत कई अधिकारी शामिल रहे। कार्रवाई के दौरान स्वास्थ्य केंद्र परिसर में अचानक मची हलचल से अन्य कर्मचारी भी सकते में आ गए।
आरोपियों को हिरासत में लेकर लोकायुक्त ने शुरू की जांच लोकायुक्त पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। सूत्रों का कहना है कि इस मामले की आड़ में और भी कई अनियमितताएं सामने आ सकती हैं। आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्यवाही की जा रही है। इस घटना ने जिलेभर में आक्रोश फैला दिया है।
ग्रामीणों और स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जिस स्वास्थ्य तंत्र से लोगों की जान बचाने की उम्मीद रहती है, वहीं के अधिकारी संवेदनहीन होकर मृतक के परिजनों का शोषण कर रहे थे। लोगों ने मांग की है कि दोषियों पर कठोर कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में कोई और इस तरह का कृत्य करने की हिम्मत न जुटा सके।
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