
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
मैनपुरी – विकासखंड जागीर क्षेत्र के कुसमरा मैनपुरी मार्ग स्थित गांव एलाऊ में भव्य कलश यात्रा निकाली गई। कलश यात्रा में महिलाएं व लड़कियां पीत वस्त्र पहने सिर पर कलश धारण कर चल रही थी। कई महिलाएं व युवा बैंड बाजे के साथ भक्ति गीतों करते थिरकते नजर आए। यात्रा मदर्स ग्लोबल एकेडमी से प्रारंभ होकर हनुमान मंदिर, गमा देवी, विरिया वाले महादेव, कालसेन बाबा, काली माता मंदिर होते हुए श्रीमद् भागवत कथा पंडाल में आकर संपन्न हुई। वहां विधि-विधान से कलशों की स्थापना की गई। जिसके बाद श्रीमद् भागवत कथा की आरती के बाद कथावाचक आचार्य रमाकांत उपाध्याय ने भक्तों को श्रीमद् भागवत कथा का रसपान कराया। महाराज श्री ने कहा कि भागवत के प्रथम श्लोक में भगवान को प्रणाम किया गया है, उनके स्वभाव का वर्णन किया गया है, उनकी लीलाओं का वर्णन किया गया है। भागवत को समझना भगवान को समझने के बराबर है।उन्होंने कहा कि जन्म-जन्मांतर एवं युग-युगांतर में जब पुण्य का उदय होता है, तब ऐसा अनुष्ठान होता है। श्रीमद्भागवत कथा एक अमर कथा है। इसे सुनने से पापी भी पाप मुक्त हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि वेदों का सार युगों-युगों से मानवजाति तक पहुंचाता रहा है। भागवतपुराण उसी सनातन ज्ञान की पयस्विनी है, जो वेदों से प्रवाहित होती चली आई है। इसलिए भागवत महापुराण को वेदों का सार कहा गया है। उन्होंने श्रीमद्भागवत महापुराण का बखान किया। कहा कि सबसे पहले सुकदेव जी महाराज ने राजा परीक्षित को भागवत कथा सुनाई थी, उन्हें सात दिनों के अंदर तक्षक के दंश से मृत्यु का श्राप मिला था। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा अमृत पान करने से संपूर्ण पापों का नाश होता है। इस अवसर पर प्रताप सिंह चौहान, कमला देवी परीक्षित, विजेंद्र सिंह चौहान, हरेंद्र चौहान, पुष्पेंद्र सिंह, शिवम चौहान, नारायण कठेरिया, मोंटी चौहान, छोटे सिंह, वीर सिंह, महेश चौहान आदि सैकड़ो श्रद्धालु मौजूद थे।



