लखनऊ: रायबरेली दलित हत्या के विरोध में NSUI का हजरतगंज में प्रदर्शन
पुलिस ने कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
लखनऊ : रायबरेली में दलित युवक हरिओम वाल्मीकि की मॉब लिंचिंग के विरोध में नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को लखनऊ के हजरतगंज चौराहे पर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने योगी आदित्यनाथ सरकार पर दलितों के खिलाफ अत्याचार और कानून-व्यवस्था की विफलता का आरोप लगाते हुए तत्काल न्याय की मांग की। पुलिस ने बिना अनुमति प्रदर्शन का हवाला देकर दर्जनों कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया और उन्हें ईको गार्डन भेज दिया।
घटना की पृष्ठभूमि
रायबरेली के ऊंचाहार क्षेत्र (डीह थाना) में 5 अक्टूबर को 38 वर्षीय दलित युवक हरिओम वाल्मीकि की चोरी के संदेह में भीड़ ने बेरहमी से पिटाई कर हत्या कर दी। हरिओम, जो मानसिक रूप से अस्वस्थ थे, अपनी 11 वर्षीय बेटी से मिलने जा रहे थे। पिटाई के दौरान उनका राहुल गांधी का नाम लेना भीड़ को और भड़काने का कारण बना। इस घटना ने प्रदेश में दलितों पर बढ़ते अत्याचारों को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
हजरतगंज में प्रदर्शन पुलिस की कार्रवाई
दोपहर करीब 12 बजे NSUI कार्यकर्ताओं ने हजरतगंज चौराहे पर काली पट्टियां बांधकर और प्लेकार्ड्स के साथ प्रदर्शन शुरू किया। “योगी सरकार जवाब दो”, “दलितों पर अत्याचार बंद करो” जैसे नारे लगाए गए। प्रदर्शन के कारण चौराहे पर यातायात प्रभावित हुआ। कार्यकर्ताओं ने मांग की कि हत्यारों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए, पीड़ित परिवार को मुआवजा और सुरक्षा दी जाए, और दलित उत्पीड़न पर ठोस नीति बनाई जाए। लखनऊ पुलिस ने प्रदर्शन को अवैध बताते हुए इसे तितर-बितर करने के लिए हल्का बल प्रयोग किया। करीब 50-60 कार्यकर्ताओं को हजरतगंज थाने ले जाया गया और बाद में ईको गार्डन भेज दिया गया। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “प्रदर्शन के लिए कोई अनुमति नहीं थी, इसलिए कार्रवाई जरूरी थी।” कार्यकर्ताओं ने पुलिस पर दमनकारी रवैया अपनाने का आरोप लगाया। शाम तक अधिकांश को रिहा कर दिया गया।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं वर्तमान स्थिति
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर लिखा, “सत्ता के संरक्षण में नफरत और हिंसा बढ़ रही है। हरिओम के परिवार को न्याय मिलेगा।” NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष वरुण चौधरी ने इसे “दलितों पर हमले का दौर” करार दिया। दूसरी ओर, बसपा प्रमुख मायावती ने घटना की निंदा की, लेकिन कांग्रेस पर भी निशाना साधा। बीजेपी सरकार ने 5 संदिग्धों की गिरफ्तारी और 5 पुलिसकर्मियों के निलंबन की घोषणा की है। मुख्यमंत्री कार्यालय ने कहा कि मामले की जांच तेजी से हो रही है। रायबरेली पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है, लेकिन कांग्रेस का दावा है कि मुख्य आरोपी अभी फरार हैं। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में पिटाई से मौत की पुष्टि हुई है। यह घटना और NSUI का प्रदर्शन उत्तर प्रदेश में दलित सुरक्षा और कानून-व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं।




