
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
लखनऊ : उत्तर प्रदेश के कानपुर शहर के मूलगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत मिश्री बाजार में बुधवार शाम 7:15 बजे मरकस मस्जिद के पास सड़क किनारे खड़ी दो स्कूटी में जोरदार धमाका हुआ। इस हादसे में 6 लोग घायल हो गए, जिनमें एक महिला शामिल है। धमाके की तीव्रता इतनी थी कि आसपास के मकानों और दुकानों की दीवारों में दरारें आ गईं, शीशे टूट गए और फाल्स सीलिंग क्षतिग्रस्त हो गई। घटना से इलाके में भगदड़ मच गई।
घटना का विवरण
स्थानीय प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मिश्री बाजार की बिसाती गली में एक खिलौना दुकान के पास खड़ी दो स्कूटी में लगभग एक साथ विस्फोट हुआ। धमाके की आवाज 500 मीटर दूर तक सुनाई दी, जिससे बाजार में मौजूद लोग दहशत में आ गए। स्थानीय लोगों ने तुरंत घायलों को बचाया और उन्हें उर्सला अस्पताल (गणेश शंकर विद्यार्थी मेडिकल कॉलेज) पहुंचाया। घायल हुए लोगों में ज्यादातर को जलन की चोटें आईं। चार लोगों की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें लखनऊ रेफर किया गया है, हालांकि सभी की हालत अब स्थिर बताई जा रही है।
पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही मूलगंज, कर्नलगंज सहित कई थानों की पुलिस, फायर ब्रिगेड, बम डिस्पोजल स्क्वॉड (BDDS), फॉरेंसिक टीम, डॉग स्क्वॉड और स्पेशल टास्क फोर्स (STF) मौके पर पहुंची। इलाके को सील कर दिया गया, और फॉरेंसिक सैंपल एकत्र किए गए। पुलिस ने दोनों स्कूटी के नंबर ट्रेस कर उनके मालिकों से पूछताछ शुरू कर दी है। संयुक्त पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था) आशुतोष कुमार ने बताया, “घटना की जांच सभी पहलुओं से की जा रही है। प्रारंभिक जानकारी के आधार पर यह एक हादसा प्रतीत होता है, लेकिन कोई भी संभावना खारिज नहीं की गई है।”
पुलिस कमिश्नर का बयान संभावित कारण
कानपुर के पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल ने घटनास्थल का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने कहा, “शहरवासियों से अपील है कि वे शांति बनाए रखें और अफवाहों पर ध्यान न दें। पुलिस और अन्य एजेंसियां पूरे मामले की गहन जांच कर रही हैं। फॉरेंसिक रिपोर्ट जल्द आएगी, जिससे विस्फोट के कारणों का खुलासा होगा। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।” पुलिस सूत्रों के अनुसार, विस्फोट का कारण इलेक्ट्रिक स्कूटी की बैटरी में खराबी, गैस लीक या तकनीकी गड़बड़ी हो सकता है। हालांकि, मस्जिद के पास हुई इस घटना को देखते हुए आतंकी साजिश या संदिग्ध सामग्री की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा रहा। एंटी-टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) और STF संवेदनशील इलाके में सतर्कता के साथ जांच में जुटी हैं। फॉरेंसिक रिपोर्ट के 24-48 घंटों में आने की उम्मीद है।




