
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
सिंगरौली । सिंगरौली जिले के देवसर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत बांसी और बिरधा में लगातार हो रही हरे पेड़ों की कटाई के विरोध में आदिवासी समुदाय ने प्रदर्शन किया। सैकड़ों आदिवासियों ने आम आदमी पार्टी के जिला अध्यक्ष रतीभान साकेत के नेतृत्व में सिंगरौली कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर अपर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। आदिवासियों ने आरोप लगाया कि वे पीढ़ियों से इस क्षेत्र की भूमि और जंगलों पर निर्भर हैं, लेकिन अब निजी कंपनियों के हित में बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि इससे पर्यावरण को नुकसान हो रहा है और स्थानीय आदिवासी समुदाय के अस्तित्व पर भी खतरा मंडरा रहा है। मझौली सरपंच चंदा पनिका ने कहा कि सरकार एक ओर जल, जंगल और जमीन बचाने के नारे देती है, वहीं दूसरी ओर उन्हीं जंगलों को उजाड़ने की अनुमति दे रही है। जनपद सदस्य रुक्मिणी देवी ने बताया कि उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के लिए ‘चिपको आंदोलन’ जैसा अभियान चलाया है और पेड़ों को राखी बांधी है।
अगर रोक नहीं लगी तो तेज होगा आंदोलन
आम आदमी पार्टी के जिला अध्यक्ष रतीभान साकेत ने कहा कि बांसी-बिरधा क्षेत्र में ‘विकास’ के नाम पर अंधाधुंध पेड़ों की कटाई से प्रदूषण का स्तर बढ़ेगा। उन्होंने प्रशासन से तुरंत इस कटाई पर रोक लगाने और जिम्मेदारों पर कार्रवाई करने की मांग की। इस मौके पर बंसी-बिरधा क्षेत्र की सरपंच सहित बड़ी संख्या में आदिवासी पुरुष और महिलाएं मौजूद रहीं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने शीघ्र ठोस कदम नहीं उठाया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इस मामले में एसडीएम माइकल तिर्की ने बताया कि ग्रामीणों का आवेदन ले लिया गया है और संबंधित विभाग को भेजकर जांच करवाई जाएगी।



