आधुनिकता के आगे प्रकृति मौन आखिर जिम्मेदार कौन ?
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
अमेठी। अमेठी व प्रतापगढ़ को जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग 931 का विस्तारीकरण प्रक्रिया में है ,सड़क चौड़ीकरण में आने वाले हरे व फलदार वृक्षों को लगातार काटा जा रहा है , प्रकृति के साथ लगातार छेड़छाड़ की जा रही , आधुनिक तकनीक के बावजूद जिन पेड़ों को एक जगह से दूसरी जगह स्थानांतरित किया जा सकता है उन्हें काटा जा रहा है स्थानीय निवासी विकास शुक्ल आशीष कुमार विनय कुमार आदि लोगों ने बताया कि पेड़ों को काटने से हमारी पृथ्वी पर असंतुलन उत्पन हो रहा है एक पेड़ को तैयार होने में लगभग 10 से 15 वर्ष का समय लगता है। पेड़ो की लगातार कटान से पर्यावरण को भारी नुकसान होगा , बाढ़, सूखा ,ग्लोबल वार्मिंग, जैसी बड़ी समस्या उत्पन्न होगी, जहां शासन की महत्वपूर्ण योजनाओं में से एक वृक्षारोपण योजना को जनता द्वारा प्रोत्साहन दिया जा रहा है , वहीं सड़क चौड़ीकरण में पेड़ों की कटाव से आम जनमानस में चिंता का विषय बना हुआ है । युवा समाजसेवी आशीष ने बताया कि यह कटान वर्तमान से अधिक भविष्य पर नकारात्मक प्रभाव डालेगा ।
विकास का मापदंड अगर पर्यावरण प्रकृति से खिलवाड़ है तो ऐसे विकास का कोई ना तो अस्तित्व है और ना ही मतलब।

