बाराबंकी
देवा मेला में सूफी सुरों का समां, ऐमन जावेद फारूकी एंड ग्रुप ने बांधा समां

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
दमा दम मस्त कलंदर और छाप तिलक पर झूमें दर्शक
सुरों-संगीत की मस्ती में सराबोर हुआ मेला परिसर
बाराबंकी। देवा मेला की पावन धरती पर सोमवार की शाम सूफी संगीत की मधुर लहरें गूंज उठीं, जब सुप्रसिद्ध गायिका ऐमन जावेद फारूकी एंड ग्रुप ने मंच संभाला। कार्यक्रम की शुरुआत ऐमन और अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त गायिका अमन जावेद फारूकी ने दिल को छू लेने वाले गीत “मैं हवा हूं कहा वतन मेरा” से की, जिसने दर्शकों को भाव-विभोर कर दिया। संगीत की संगत में रिंकू ऑक्टोपैड, दूरदर्शन कलाकार हरीश ने कीबोर्ड और बांसुरी पर कमाल दिखाया, जबकि ढोलक और तबले पर वली अहमद ने माहौल को सूफियाना रंगों से भर दिया। लखनऊ से आईं गायिका नीतू श्रीवास्तव ने “मौला मेरे मौला” की पेशकश से आध्यात्मिकता का रंग और गहरा कर दिया। वहीं अमन जावेद फारूकी ने “सजदा” गीत से श्रोताओं को सुरों के जादू में बांध लिया। कार्यक्रम का विशेष आकर्षण रहा ऐमन जावेद फारूकी द्वारा यश भारती सम्मानित संगीतकार केवल कुमार श्रीवास्तव की रचना “इश्क में उलझने” की अद्भुत प्रस्तुति, जिसे दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से सराहा। अंत में, “दमा दम मस्त कलंदर” और “छाप तिलक सब छीनी” जैसे सूफी गीतों पर पूरा मेला परिसर झूम उठा। कार्यक्रम का संचालन ऊर्जावान अंदाज़ में एंकर आशीष पाठक ने किया।



