गाजियाबाद

लोनी क्षेत्र में मिलावटी मावा और घटिया मिठाइयों का कारोबार अपने चरम पर, प्रशासन मौन

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो 
लोनी गाजियाबाद : जैसे-जैसे त्यौहारों का मौसम नज़दीक आ रहा है, वैसे-वैसे लोनी क्षेत्र में मिलावटी मावा और घटिया मिठाइयों का कारोबार तेज़ी पकड़ने लगा है। मिठाई बनाने वाले अवैध कारखाने एक बार फिर क्षेत्र में सक्रिय हो गए हैं। लोनी कोतवाली, अंकुर बिहार, ट्रोनिका सिटी और लोनी बॉर्डर क्षेत्र की कालोनियों में इन दिनों बड़ी संख्या में अस्थायी गोदामों और मकानों में घटिया मिठाइयाँ बनाई जा रही हैं।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, इन अवैध मिठाई निर्माताओं ने स्थानीय पुलिस से भी “संपर्क” साध लिया है, जिससे इनके खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पा रही। गाजियाबाद का औषधि विभाग और खाद्य सुरक्षा विभाग इन सारी गतिविधियों की जानकारी होने के बावजूद कार्रवाई से बचते नजर आ रहे हैं।इसके पीछे क्या कारण यह तो सम्बंधित विभाग ही बता सकते हैं
बिना साफ सफाई के क्षेत्र में बन रही है मिठाइयाँ, संक्रमण का खतरा बढ़ा
जाँच में सामने आया है कि इन गोदामों में न तो सफाई की कोई व्यवस्था है और न ही मिठाइयों को रखने के लिए उचित ठंडा वातावरण। कई जगहों पर मक्खियों, मच्छरों और चूहों का जमावड़ा भी देखा गया है। यही नहीं, रसगुल्ले जैसे मिठाइयों में अरारोट पाउडर मिलाया जा रहा है, जबकि मावा और पनीर में रासायनिक मिश्रण और सिंथेटिक दूध का इस्तेमाल किया जा रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी मिलावटी मिठाइयाँ न केवल पाचन तंत्र को नुकसान पहुँचाती हैं, बल्कि किडनी, लीवर और अन्य अंगों पर भी बुरा असर डाल सकती हैं।
पिछले साल बढ़े थे हैजा और डायरिया के मरीज
पिछले साल दीपावली के समय घटिया मिठाइयाँ खाने से लोनी क्षेत्र में हैजा और डायरिया के मरीजों की संख्या में तेज़ी से इज़ाफा हुआ था। स्थानीय अस्पतालों ने तब सैकड़ों मरीजों को भर्ती किया था। इस बार भी यदि संबंधित विभागों ने कार्यवाही नहीं की तो किसी बड़ी बीमारी के फैलने का खतरा क्षेत्र में मंडरा रहा है।
प्रशासन की चुप्पी पर उठ रहे सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि त्योहारों के दौरान खाद्य सुरक्षा विभाग केवल औपचारिक जांच कर अपनी खानापूर्ति कर लेता है। कई बार शिकायतों के बावजूद विभागीय अधिकारी मौके पर नहीं पहुँचते। लोगों ने मांग की है कि जिला प्रशासन लोनी सहित कालोनियों में तुरंत विशेष जांच अभियान चलाए, ताकि मिलावटी मिठाइयों के कारोबार पर अंकुश लगाया जा सके।
जनता में आक्रोश, सोशल मीडिया पर उठी आवाज़
सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म्स पर भी लोग प्रशासन की निष्क्रियता को लेकर नाराज़गी जता रहे हैं।
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