
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बरेली। बिथरी चैनपुर थाना क्षेत्र के रजऊ गांव में बुधवार रात हुई अभिषेक यादव की हत्या के बाद पुलिस ने दबिश दी तो छात्र का पिता घर में ही मिल गया। उसने खुद को बेकसूर बताया, हालांकि उसका आपराधिक इतिहास जानकर पुलिस ने उसे थाने में बैठा लिया है। मेले में थोड़ी देर पहले हुए लड़कों के झगड़े से भी घटना को जोड़कर जांच की जा रही है।
गांव रजऊ परसपुर में बुधवार रात रामलीला मंचन में रावण वध के बाद छेड़खानी के आरोपी अभिषेक यादव पर चाकू से हमला कर दिया गया था। बरेली-सीतापुर हाईवे पर पुलिस बैरियर के पास वारदात हुई। युवक ने जिला अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था। उसके परिजनों ने छेड़खानी की रिपोर्ट दर्ज कराने वाली छात्रा के परिवार पर हत्या का आरोप लगाया है। अभिषेक पर रिपोर्ट कराने वाली छात्रा के पिता एक ग्रामीण की हत्या के मामले में मुख्य आरोपी था। वह कुछ समय जेल में भी रहा। पुलिस ने दबिश दी तो वह घर में ही मिल गया। अभिषेक के परिवार ने उस पर हत्या का आरोप लगाया था, लेकिन उसने घर में सोने की बात कहते हुए वारदात से अनभिज्ञता जाहिर की।
अभिषेक यादव के पिता रामकिशन सेना से सेवानिवृत्त हैं और दूध का व्यवसाय करते हैं। वह गांव से काफी मात्रा में दूध लेकर गाड़ी से बरेली जाकर डेयरी में सप्लाई देते हैं। चार भाइयों में अभिषेक तीसरे नंबर का था। वह पास की एक फैक्टरी में दैनिक वेतनभोगी के रूप में काम करता था।



