सपा विधायक महाराजी प्रजापति पर पार्टी के साथ धोखा देने और जनहित की उपेक्षा के आरोप लगाए—-शिवप्रताप यादव
प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सपा से चुनाव लडने की दावेदारी
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
अमेठी। वृन्दावन होटल के मालिक और परिषदीय विद्यालय में शिक्षक शिव प्रताप यादव ने 2027मे समाजवादी पार्टी से अमेठी से विधानसभा चुनाव लडने की तैयारी कर रहे हैं। बुधवार को उन्होंने अपने होटल पर पत्रकारों से बातचीत की। उन्होंने विधायक महाराजी प्रजापति का खुला विरोध किया और कहा कि महाराजी प्रजापति अब सपा की नहीं है। राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने यदि उन्हें मौका दिया तो विधानसभा चुनाव जरूर लड़ेंगे।
शिव प्रताप यादव ने परिषदीय विद्यालय के शिक्षक के रूप में सार्वजनिक जीवन की शुरुआत और तैनाती के लगभग दो साल बाद से ही राजनीति में सक्रिय हो गये। शुरुआत में इन्होंने अपने पिता राम बली यादव के साथ पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ संजय सिंह का समर्थन और सहयोग किया। जिला प्राथमिक शिक्षा कार्यक्रम -डी पी ई पी/सर्व शिक्षा अभियान लागू होने पर काफी समय तक विकास खंड अमेठी के ब्लाक समन्वयक रहे। ब्लाक संसाधन केंद्र की ओर से प्रशिक्षण के कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने के साथ ही उन्होंने भवन निर्माण कार्य में भी उल्लेखनीय भूमिका निभाई है। सेवाकाल के दौरान उन्होंने अपने गांव में जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान की प्राचार्य डॉ प्रभावती वर्मा के मार्गदर्शन में अर्जक संघ का बड़ा सम्मेलन कराया।इस सम्मेलन के बाद शिव प्रताप यादव ठेकेदारी के काम के साथ सपा में सक्रिय हो गए और पूर्व मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति को विधायक बनाने में सारथी की भूमिका में रहे। सपा सरकार के दौरान पूर्व मंत्री गायत्री प्रसाद की किचेन कैबिनेट और कार्यप्रणाली से उनका मतभेद हुआ जो लगातार बढ़ता ही गया। विधायक बनने की चाहत में शिव प्रताप यादव ने बसपा का भी दामन थामा लगभग छः महीने तक प्रभारी भी रहे ।विधानसभा चुनाव नजदीक आने पर बसपा सुप्रीमो मायावती ने सभी विधानसभा प्रभारियों के बारे में रिपोर्ट ली। ग्राम प्रधान का चुनाव लडने और हारने के कारण बसपा से उनका टिकट कट गया और वे सपा में फिर से सक्रिय हो गए। ठेकेदारी और होटल व्यवसाय के साथ शिव प्रताप यादव अखिल भारतीय यादव महासभा से भी जुड़े हुए हैं।हाल ही में उन्होंने बसपा के एक मुख्य मंडल प्रभारी से भी मुलाकात की थी।शिवप्रताप यादव के विरुद्ध भारतीय किसान यूनियन -अम्बावते ने लगभग दो सप्ताह तक गंगौली में धरना प्रदर्शन और अनशन किया। जिले की राजनीति में अचानक वे फिर से सुर्खियों में आ गए हैं। भाकियू ने शिव प्रताप यादव पर अपने पद और पैसे का दुरूपयोग करके गंगौली में चकबंदी कार्यों में भारी गड़बड़ी कराने और ग्राम पंचायत के विकास कार्यों में भ्रष्टाचार के आरोप हैं। डीएम के निर्देश पर मामले की जांच अभी जारी है।
शिक्षक नेता शिव प्रसाद यादव उर्फ बीआरसी ने बुधवार को बाईपास स्थित वृंदावन होटल में पत्रकारों से बातचीत की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी बिना किसी गठबंधन के मैदान में उतरेगी।यादव ने कहा कि उनका उद्देश्य निश्चित रूप से विधानसभा चुनाव लड़ना है। जब उनसे पूछा गया कि क्या वे सपा से ही चुनाव लड़ेंगे, तो उन्होंने जवाब दिया — “इस पर निर्णय सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष करेंगे। पार्टी ने मुझे बड़ी जिम्मेदारी दी है, और जो दायित्व मिलेगा, उस पर विचार किया जाएगा।”उन्होंने कहा कि अमेठी की वर्तमान विधायक महराजी देवी प्रजापति अब समाजवादी पार्टी की नहीं हैं, क्योंकि उन्होंने पार्टी और राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव का विरोध किया है।
यादव ने दावा किया कि इस बार सपा अमेठी सीट से यादव समाज के किसी प्रतिनिधि को टिकट देगी। उन्होंने कहा, “अगर वर्तमान विधायक को टिकट नहीं मिलता है, तो यह निर्णय राष्ट्रीय अध्यक्ष ही लेंगे कि कौन प्रत्याशी होगा।”शिव प्रसाद यादव ने बताया कि उनका बेटा वर्तमान में समाजवादी पार्टी में जिला उपाध्यक्ष पद पर कार्यरत है और सक्रिय रूप से पार्टी का कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा, “इस बार मेरा विधानसभा चुनाव लड़ना तय है।”अंत में उन्होंने सभी क्षेत्रवासियों को दीपावली की शुभकामनाएँ दीं। यह खबर वक्ता द्वारा दिए गए बयान पर आधारित है।

