आज रात को जुटेंगे देश-प्रदेश के साधक, करेंगे साधना
Tonight, seekers from across the country and state will gather and perform spiritual practice.

नेशनल प्रेस टाइम्स ब्यूरो।
धनबाद। कार्तिक अमावस्या की काली पूजा की एक अलग महत्ता है. कतरास , बाघमारा कोयलांचल में साधक विभिन्न काली मंदिरों व श्मशान घाटों पर जुटते हैं और माँ की आराधना में लीन होते है. लिलौरी मंदिर श्मशान घाट पर स्थित सदानंदमयी तारा मंदिर व श्री श्री शिव शक्ति दरबार भटमुड़ना में साधकों का जुटान होता है. रात-भर साधक मां दक्षिणा कालिका सहित दस महाविद्या की साधना करते हैं. महानिशा में हवन-तर्पण व कुलमार्ग के पंचकारों से साधक पूजन करते हैं. कई तांत्रिक लिलौरी मंदिर श्मशान में रात में छाग बलि कर मां को खुश करते हैं. यहां अघौरी मंत्र को साधक जागृत करते हैं. फिर अघौरी साधक कई सिद्धियां प्राप्त करते हैं. लिलौरी मंदिर श्मशान पर न सिर्फ कतरास कोयलांचल, बल्कि नेपाल की राजधानी काठमांडू, पश्चिम बंगाल, बोकारो, सिंदरी, भूली, तोपचांची आदि जगहों से साधक जुटते है।



