ललितपुर
124 साल पुरानी ऐतिहासिक धरोहर रातों-रात मिटा दी गई
बिस्था का "अंग्रेजी बंगला" इतिहास के पन्नों से गायब

जिला पंचायत पर मनमानी का आरोप, बनी चर्चा का विषय
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
ललितपुर। जिले के ब्लॉक बिरधा अंतर्गत ग्राम बिस्था में 1901 में निर्मित ब्रिटिशकालीन बिरधा इन्सपेक्शन हाउस को बिना किसी अनुमति के ध्वस्त कर दिए जाने से पूरे क्षेत्र में गहरा रोष फैल गया है। इंडो-गॉथिक स्थापत्य शैली में निर्मित यह लाल बलुआ पत्थर और श्वेत पत्थर की इमारत आजादी से पहले ब्रिटिश अधिकारियों व पीडब्ल्यूडी इंजीनियरों के विश्राम स्थल के रूप में जानी जाती थी। ग्रामीणों के अनुसार, यहां अदालतें भी लगती थीं। स्थानीय बुजुर्गों के मुताबिक अंग्रेजी बंगला के नाम से प्रसिद्ध यह इमारत सिर्फ एक ढांचा नहीं थी, बल्कि गांव की पहचान और पीढिय़ों की यादों का प्रतीक थी। प्रकरण के तूल पकडऩे पर जिलाधिकारी अमनदीप डुली ने तत्काल प्रभाव से जांच के आदेश अपर जिलाधिकारी अंकुर श्रीवास्तव को दिये। आदेश मिलते ही एडीएम अंकुर श्रीवास्तव ने बिरधा स्थित मौके पर पहुंच कर जांच-पड़ताल शुरू की और स्थानीय लोगों के बयान दर्ज कराये।
बिना अनुमति विध्वंस, पुरातत्व कानून की खुली अनदेखी
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि इस 124 वर्ष पुरानी धरोहर को रातों-रात जमींदोज कर दिया गया, जबकि नियमानुसार किसी भी ऐतिहासिक इमारत को गिराने से पहले भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ए.एस.आई.), राज्य विरासत संरक्षण समिति और पीडब्ल्यूडी विभाग से अनुमति आवश्यक होती है। इतना ही नहीं, ध्वस्तीकरण से 15 दिन पूर्व सार्वजनिक अखबारों में सूचना देकर जनता से आपत्तियां आमंत्रित करना भी कानूनी दायित्व है, जिसकी यहां पूरी तरह अनदेखी की गई।
इतिहास के साथ अपराध हुआ है, समाजसेवी मोहिनी रजक
इस घटना पर समाजसेवी मोहिनी रजक ने कहा कि बिस्था का यह इन्सपेक्शन हाउस केवल एक इमारत नहीं, हमारी विरासत की आत्मा था। इसे बिना अनुमति तोडऩा इतिहास के साथ अपराध है। प्रशासन को चाहिए कि वह इस प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कठोर कार्रवाई करे, ताकि भविष्य में कोई हमारी धरोहरों से खिलवाड़ करने की हिम्मत न करे।
कानूनी पृष्ठभूमि
प्राचीन स्मारक एवं पुरातत्व अधिनियम, 1958 के अंतर्गत 100 वर्ष से अधिक पुरानी इमारतों को ऐतिहासिक स्मारक के रूप में संरक्षण प्राप्त होता है। इस अधिनियम में ऐसे स्मारकों को नुकसान पहुंचाने या नष्ट करने पर कठोर दंड का प्रावधान है।
हमारी पहचान मिटा दी गई
ग्रामवासियों ने जिलाधिकारी ललितपुर को ज्ञापन देकर इस प्रकरण की निष्पक्ष, पारदर्शी व खुली जांच कराने और जिम्मेदार अधिकारियों/व्यक्तियों के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यह केवल एक इमारत नहीं, बल्कि बिस्था की ऐतिहासिक पहचान थी जिसे एक रात में इतिहास से मिटा दिया गया।
जिला पंचायत की भूमिका पर उठता सवाल
ऐतिहासिक धरोहरों और ग्राम स्तरीय सार्वजनिक संपत्तियों के संरक्षण में जिला पंचायत विभाग की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। ग्राम पंचायतों के अंतर्गत आने वाली पुरानी संरचनाओं, विश्राम गृहों, तालाबों, भवनों एवं सार्वजनिक स्थलों की देखरेख, सूचीकरण और संरक्षण की जिम्मेदारी पंचायत विभाग के माध्यम से तय होती है। बिस्था ग्राम में स्थित 124 वर्ष पुराना बिरधा इन्सपेक्शन हाउस भी पंचायत क्षेत्र की संपत्ति के रूप में दर्ज था, इसलिए इसके किसी भी प्रकार के विध्वंस, मरम्मत या हस्तांतरण से पूर्व जिला पंचायत विभाग की अनुमति और तकनीकी रिपोर्ट आवश्यक थी। विभाग का यह दायित्व है कि वह ऐसी विरासत संपत्तियों की पहचान कर उन्हें ग्राम विरासत स्थल के रूप में चिन्हित करे और इनके संरक्षण हेतु राज्य सरकार तथा पुरातत्व विभाग के समन्वय से कार्ययोजना बनाए। इस मामले में विभाग की निष्क्रियता और निगरानी की कमी ने ऐतिहासिक धरोहर को मिटा देने का मार्ग प्रशस्त किया।
विरासत का मलबा में उठता सवाल
बिरधा का यह इन्सपेक्शन हाउस अब मलबे में तब्दील हो चुका है, लेकिन इसके साथ उठे सवाल यह सोचने पर मजबूर करते हैं कि क्या हमारी ऐतिहासिक धरोहरें तब तक सुरक्षित हैं, जब तक किसी की नजर उन पर नहीं पड़ती?
ज्ञापन पर इनके थे हस्ताक्षर
डीएम को भेजे ज्ञापन पर पर्यटन एवं संस्कृति परिषद की सदस्य मोहिनी के अलावा राजीव साहू बिरधा, लक्ष्मी, कपिल साहू, नीलू, अरविन्द कुशवाहा, धर्मेंद्र, गोपी, सतीश, मुन्नालाल, मनोहर, सहोदर, लालबहादुर, रामकिशन, दिनेश, आनन्द, गनेश, नन्दकिशोर, अरविन्द, महेश राजा, काशीराम, संतोष, मंगल सिंह, संजय, अमर सिंह, घासीराम कुशवाहा, कल्लू, जगभान, संतोष, लालचंद्र, राजेश कुशवाहा, छलौने के अलावा अनेकों लोग मौजूद रहे।
एडीएम पहुंचे मौके पर, शुरू हुयी जांच
जिला पंचायत द्वारा मनमाने तरीके से अंग्रेजी बंगला गिराये जाने के आरोपों के जोर पकड़ते ही जिलाधिकारी अमनदीप डुली ने तत्काल प्रभाव से जांच के आदेश किये हैं। डीएम के आदेश पर एडीएम अंकुर श्रीवास्तव ने शुक्रवार को बिरधा स्थित अंग्रेजी बंगला ध्वस्तीकरण वाले मौके पर पहुंच कर जांच-पड़ताल शुरू कर दी। मौके पर एडीएम ने स्थानीय लोगों के बयान भी दर्ज कराने की प्रक्रिया अपनायी।




