अमेठी

राजीव गांधी पेट्रोलियम प्रौद्योगिकी संस्थान (RGIPT)

अमेठी के मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग द्वारा "मेक-अ-थॉन - 2025" का सफल आयोजन

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो

 

अमेठी जायस। राजीव गांधी पेट्रोलियम प्रौद्योगिकी संस्थान (RGIPT), अमेठी के मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग द्वारा 18 से 19 अक्टूबर 2025 तक दो दिवसीय डिज़ाइन और प्रोटोटाइपिंग कार्यक्रम “मेक-अ-थॉन – 2025” का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों में रचनात्मकता, डिज़ाइन थिंकिंग और व्यावहारिक इंजीनियरिंग समस्या-समाधान क्षमताओं को बढ़ावा देना था। इसमें संस्‍थान के विभिन्न विभागों के छात्र-छात्राएँ ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपनी तकनीकी क्षमताओं एवं नवाचारी विचारों का प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम का उद्घाटन RGIPT के माननीय निदेशक महोदय प्रो. हरीश हिरानी ने किया। इस आयोजन के मुख्य अतिथि प्रो. भृगु नाथ सिंह, माननीय कुलपति, राजीव गांधी राष्ट्रीय विमानन विश्वविद्यालय (RGNAU), अमेठी ने अपनी उपस्थिति से सभा को गौरवान्वित किया। साथ ही उद्घाटन समारोह में विशिष्ट अतिथि एवं उद्योग विशेषज्ञ के रूप में श्री कमलेश कुमार श्रीवास्तव, कार्यवाहक कार्यकारी निदेशक, हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड, कोरवा (HAL, Korwa) भी मौजूद रहे। साथ ही, डॉ. देबाशीष पांडा, अधिष्ठाता, छात्र-छात्राएँ मामले, RGIPT; डॉ. तुषार शर्मा, संयोजक एवं विभागाध्यक्ष, मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग, RGIPT; और डॉ. नवीन मणि त्रिपाठी, सह-संयोजक, “मेक-अ-थॉन – 2025” तथा विभिन्न विभागों के अन्य संकाय सदस्य भी उपस्थित रहे तथा समारोह की शोभा बढ़ाई। सभी गणमान्य अतिथियों ने “व्यावहारिक शिक्षा”, “बहुविषयक सहयोग”, और “नवाचार आधारित शिक्षा” के महत्व पर बल दिया जो भावी इंजीनियरों को तैयार करने में सहायक सिद्ध हो सकती है।
“प्रतियोगिता का मुख्य लक्ष्य — दैनिक जीवन में वास्तविक एवं सामाजिक समस्याओं पर आधारित – डिज़ाइन और प्रोटोटाइपिंग की प्रस्तुति। इसमें प्रतिभागियों ने टीमों में मिलकर वास्तविक जीवन की इंजीनियरिंग समस्याओं के समाधान के लिए डिज़ाइन और प्रोटोटाइप प्रस्तुत किए। परियोजनाओं का मूल्यांकन नवाचार, व्यावहारिकता, तकनीकी जटिलता और सामाजिक प्रभाव के आधार पर किया गया। विजेता टीमों ने अपनी तकनीकी उत्कृष्टता और रचनात्मकता से सभी को प्रभावित किया। आयोजन के दूसरे दिन, विजेताओं और प्रतिभागियों को उन्हें प्रमाणपत्र, नकद पुरस्कार और उनके प्रोटोटाइप को व्यावहारिक समाधान में बदलने के लिए मेंटरशिप के अवसर प्रदान किए गए।
इस अवसर पर RGIPT के निदेशक प्रो. हरीश हिरानी ने सभी विजेताओं और प्रतिभागियों को बधाई देते हुए कहा कि “मेक-अ-थॉन – 2025 जैसे कार्यक्रम संस्थान की नवाचार और उद्यमिता को प्रोत्साहित करने की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं। “मेक-अ-थॉन” – 2025 के अंतर्गत, छात्रों को पाठ्यपुस्तकों से बाहर सोचने के लिए प्रेरित किया, बल्कि “मेक इन इंडिया (Make in India)” की भावना को आगे बढ़ाते हुए नवाचार, अनुप्रयुक्त इंजीनियरिंग और अनुभवात्मक शिक्षा को प्रोत्साहित किया। यह आयोजन RGIPT की उस दूरदर्शिता को सशक्त बनाता है जिसका उद्देश्य भविष्य के तैयार इंजीनियरों और नवप्रवर्तकों को तैयार करना है। आज “मेक-अ-थॉन” एक ऐसा मंच बन चुका है जहाँ विचारों को क्रियान्वयन का रूप मिलता है, जो छात्रों को प्रभावशाली नवाचार के लिए सदैव प्रेरित करता है और रहेगा। कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन के तदुपरांत राष्ट्रगान गायन के साथ ही इस आयोजन का औपचारिक समापन की घोषणा की गई।

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