64 मजदूरों की जल समाधि बनी काली रात, अब वही फल-फूल रहा अवैध कोयला कारोबार
64 laborers drowned in a dark night, now the illegal coal trade is flourishing.

नेशनल प्रेस टाइम्स ब्यूरो।
धनबाद। “गोली चले या छर्रा चले, चार इंच की कलम चार फीट की तलवार का मुकाबला करती है।” यह पंक्ति आज फिर सार्थक प्रतीत होती है जब बाघमारा अनुमंडल के अंगार पथरा ओपी क्षेत्र जहां यूनियन अंगार पथरा क्षेत्र की वही सुरंग चर्चा में है जहाँ कभी 64 मजदूरों ने जल समाधि ली थी। वह दर्दनाक हादसा आज भी लोगों के दिल में जख्म की तरह ताजा है। जिस सुरंग में मजदूरों की चीखें गूंज उठी थीं, आज वहीं अवैध कोयले के कारोबार का गढ़ बन चुका है। हर साल गजलिताड़ में उन मजदूरों की याद में बीसीसीएल अधिकारी और जनप्रतिनिधि उनके स्मारक पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि देते हैं, लेकिन श्रद्धांजलि के अगले ही दिन फिर वही अवैध कारोबार बेखौफ तरीके से शुरू हो जाता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कानून अब मानो “ढोलक” बन गया है। जिसे जो चाहे, बजा ले। बीसीसीएल के एरिया-1 से 5 और महुदा परिक्षेत्र में अवैध खनन खुलेआम जारी है। कुछ जागरूक लोग अपने ग्रुप के माध्यम से अधिकारियों तक पहुंचाने की कोशिश करते हैं, कई बार कार्रवाई भी होती है, लेकिन भ्रष्ट अधिकारियों की मिलीभगत से कारोबारियों का मनोबल और बढ़ता जा रहा है।
पैसे की चमक ने ईमान को पीछे छोड़ दिया है। सरकारी सेवा में अच्छी तनख्वाह पाने के बावजूद कुछ अधिकारी अवैध तरीकों से संपत्ति अर्जित कर रहे हैं आलीशान मकान, महंगी गाड़ियां और बच्चों की विदेशी शिक्षा जैसे सपनों के लिए वे गरीबों को रौंदने से भी नहीं हिचकिचाते। हमारी कलम अव्यवस्था और भ्रष्टाचार के खिलाफ है। यह लेख उन भ्रष्ट अधिकारियों, सीआईएसएफ और पुलिसकर्मियों के खिलाफ है जो अपनी जिम्मेदारी भूलकर अवैध कोयला कारोबार को बढ़ावा दे रहे हैं। अब समय आ गया है कि प्रशासन जागे और उन 64 मजदूरों की आत्माओं को न्याय दिलाये ताकि उनकी जल समाधि व्यर्थ न जाए।



