समाज सेवा की मिसाल बनी रेशमा खातून, दूसरों की सेवा में समर्पित एक नर्स, जो लोगों के जीवन में भर रही हैं नई ऊर्जा

नेशनल प्रेस टाइम्स ब्यूरो।
देवघर जिले के मधुपुर प्रखंड की रहने वाली रेशमा खातून आज समाज के लिए एक प्रेरणा बन चुकी हैं। पेशे से नर्स होने के बावजूद, उन्होंने अपनी पहचान सिर्फ अस्पताल की चारदीवारी तक सीमित नहीं रखी। बल्कि वे लोगों के स्वास्थ्य, जागरूकता और जीवनशैली सुधार की दिशा में भी लगातार काम कर रही हैं। रेशमा खातून का कहना है कि “मरीज का इलाज दवा से नहीं, बल्कि सेवा और विश्वास से भी होता है।” यही सोच उन्हें भीड़ से अलग बनाती है। दिन-रात मरीजों की सेवा में तत्पर रहने वाली रेशमा, हेल्थ वेलनेस संस्था से जुड़कर नए-नए लोगों से मुलाकात करती हैं और उन्हें बताती हैं कि स्वस्थ जीवन कैसे जिया जा सकता है। वे गांव-गांव जाकर महिलाओं को स्वास्थ्य, पोषण, स्वच्छता और मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करती हैं। उनके इस समर्पण ने उन्हें न सिर्फ एक “बेहतरीन नर्स” बल्कि एक “सच्ची समाजसेविका” की पहचान भी दिलाई है। आज रेशमा खातून मधुपुर प्रखंड की उन चुनिंदा महिलाओं में शुमार हैं जो अपने काम से समाज को नई दिशा दे रही हैं। दूसरों के चेहरे पर मुस्कान लाना उनका सबसे बड़ा इनाम है। रेशमा का मानना है कि जब तक समाज स्वस्थ नहीं होगा, तब तक विकास अधूरा रहेगा। ऐसी नर्सें ही सच्चे अर्थों में “भगवान का दूसरा रूप” कही जा सकती हैं। रेशमा खातून का यह जज़्बा और सेवा भावना युवाओं के लिए प्रेरणादायक उदाहरण है।


