
नेशनल प्रेस टाइम्स ,ब्यूरो
बरेली/ दिल्ली, वरिष्ठ साहित्यकार पद्मश्री प्रोफेसर रामदरश मिश्र का 101 वर्ष की आयु में दिल्ली में देहावसान हो गया।उल्लेखनीय है कि प्रोफेसर मिश्र भारतीय हिंदी साहित्य जगत के एक वरिष्ठतम और बहुत सम्मानित व्यक्तित्व थे।पिछले वर्ष ही उन्होंने अपने जीवन के 100 वर्ष पूर्ण किए थे और उन्हें पद्मश्री से भी सम्मानित किया गया था। इस अवसर पर बरेली निवासी अंतरराष्ट्रीय कवि एवं साहित्यकार आचार्य देवेंद्र देव एवं वरिष्ठ कवि ऋषि कुमार शर्मा चवन उनके दिल्ली द्वारका स्थित निवास स्थान पर उन्हें बधाई देने एवं उनका आशीर्वाद लेने गए थे जहां उन्होंने अपनी कुछ रचनाएं इन दोनों बरेली के कवियों तथा इन्होंने अपनी रचनाएं उन्हें सुनाईं तथा ऋषि कुमार शर्मा च्यवन द्वारा अपने पिता श्री पर लिखित पुस्तक अप्रतिम देशभक्त कर्नल पतंजलि शर्मा भी उन्हें भेंट की। इस आयु में भी मिश्रा जी पूर्णतया स्वस्थ थे।
बरेली एवं दिल्ली के अनेक कवियों एवं साहित्यकारों माल्यार्थ फाउंडेशन के मुख्य संरक्षक आचार्य देवेंद्र देव, संस्थापक उदितेंदु वर्मा निश्चल, डॉ रंजन विषद, वरिष्ठ कवि अनिल शर्मा जोशी, वरिष्ठ योगाचार्या सरोज शर्मा, कवि ऋषि कुमार शर्मा च्यवन, एडवोकेट सुरेंद्र सिंह चौहान,डॉक्टर स्वर्ण अनिल , डॉक्टर बीएल यादव, शिक्षाविद रवि कुमार, पूर्व उपसचिव हिंदी अकादमी दिल्ली ऋषि कुमार शर्मा,ओम प्रकाश प्रजापति ,वरिष्ठ साहित्यकार लक्ष्मी शंकर वाजपेई, ममता किरण, राम अवतार बैरवा, डॉ नीता त्रिपाठी, डाॅ. वर्षा सिंह, गीता राघव अदिति अस्थाना, शैल भदावरी,कर्नल पांडे ,नितिन माथुर ,वरिष्ठ समाजसेविका संध्या सिंह, वरिष्ठ समाज सेविका प्रोमिला मलिक, प्रीतिमा खंडेलवाल, सुषमा भंडारी एवं रेखा झिंगन आदि ने अपनी श्रद्धांजलि देते हुए उनके इस नश्वर संसार से जाने को हिंदी साहित्य जगत ऐसी क्षति बताया जिसकी पूर्ति होना संभव नहीं है।



