हार्डकोर सशस्त्र महिला नक्सली ने शासन कि पूनर्वास योजना से प्रेरित होकर किया आत्मसमर्पण

नेशनल प्रेस टाइम्स,ब्यूरो
बालाघाट (म0प्र0) : माननीय गृहमंत्री भारत सरकार एवं माननीय मुख्यमंत्री मध्य प्रदेश द्वारा लगातार नक्सलियों को आत्मसमर्पण करने या कड़ी कार्यवाही के लिए तैयार रहने की चेतावनी दी गई है, जिसके सकारात्मक परिणाम अब सामने आ रहे हैं। बालाघाट में 01 नवम्बर को थाना लांजी के चौरिया कैम्प अंत्तर्गत एक हार्डकोर सशस्त्र महिला नक्सली, सुनीता पिता बिसरू ओयाम निवासी गोमवेटा, तहसील भैरमगढ़, जिला बीजापुर, ने शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं और भारत के संविधान पर विश्वास जताते हुए जिला पुलिस बालाघाट के समक्ष स्वयं आकर आत्मसमर्पण कर दिया l
सशस्त्र नक्सली सुनीता मलाजखंड दर्रेकसा दलम में एसीएम है, जो इसास रायफल के साथ सशस्त्र नक्सली संघटन में मध्य प्रदेश, गोंदिया एवं राजनांदगांव (GRB) डिविजन में सक्रिय थी। उस पर छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र एवं मध्यप्रदेश में कुल 14 लाख रुपये का इनाम घोषित है। सुनीता पिता बिसरु ओयाम माओवादी संगठन में वर्ष 2022 में जुड़ी थी। छत्तीसगढ़ के माड़ क्षेत्र में 06 माह का प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद उसने सीसी मेबर रामदेर के गार्ड के रूप में कार्य किया।
यह मध्य प्रदेश आत्मसमर्पण, पुनर्वास सह राहत नीति 2023 के अंतर्गत पहला आत्मसमर्पण है, और 1992 के बाद से पहली बार अन्य राज्य के किसी सशस्त्र नक्सली कैडर ने म.प्र. शासन के सामने आत्मसमर्पण किया है।



