कवि गोष्ठी एवं सम्मान समारोह का हुआ आयोजन

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
अमेठी। स्मृति शेष राम यज्ञ पाण्डेय शास्त्री की पुण्य स्मृति में सपर्या समिति द्वारा विमर्श, कवि गोष्ठी एवं सम्मान समारोह का सफल आयोजन हुआ।लोक भूषण आद्या प्रसाद सिंह प्रदीप की अध्यक्षता, लखनऊ से पधारे, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अवधी के ध्वजवाहक राम बहादुर मिसिर के मुख्य आतिथ्य तथा रामचंद्र मिश्र काशी प्रांत उपाध्यक्ष की महनीय उपस्थिति,अध्यक्ष अवधी साहित्य संस्थान अमेठी डॉ अर्जुन पांडेय के सफल संयोजन व सुकवि हरि नाथ शुक्ल हरि के सुघड़ संचालन में तकरीबन दो दर्जन वक्ताओं एवं कवियों ने काव्य प्रस्तुतियों से सैकड़ों सुधी ग्रामीण श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।समारोह की शुरुआत छंदकार नरेंद्र शुक्ल की वाणी वंदना से हुआ।संगोष्ठी के प्रथम सत्र में मुख्य वक्ता डॉ अर्जुन पाण्डेय ने कहा कि गोस्वामी जी का श्रीरामचरितमानस दुनिया का सर्वश्रेष्ठ ग्रंथ एवं जायसी का पद्मावत ठेठ अवधी महाकाव्य है।अध्यक्षता करते हुए आद्या प्रसाद सिंह ने कहा कि अवधी साहित्य को देश दुनिया में फैलाने में प्रवासी भारतीय साहित्यकारों का विशेष योगदान है। मुख्य अतिथि राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित डॉ रामबहादुर मिश्र ने कहा कि गर्व का विषय है आज अवधी भाषा देश-दुनिया में करोड़ों की जनभाषा बन चुकी है। साहित्य भूषण डॉ सुनील कुमार पाण्डेय साहित्येन्दु ने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम जी का चरित भावी पीढ़ी को अपनाने की जरूरत है।प्रख्यात साहित्यकार डॉ ओंकार नाथ द्विवेदी ने कहा कि अवधी भाषा एवं संस्कृति भारत की पहचान बने।निज भाषा पर सबको गर्व करना चाहिए।द्वितीय सत्र में आशु कवि जटायु ने ‘मेरा लघु जीवन अलबेला’अमेठी के कवि रामेश्वर सिंह निराश ने ‘आवैं गौरैया नाहीं हमारे दुआर हो’ व नरेंद्र शुक्ल ने ‘राजनीति में काश देश हित सर्वोपरि होता’ पढ़कर जनमानस को सोचने पर विवश किया। हरिनाथ शुक्ल हरि ने ‘मेरी किस्मत कवि का कॉंधा जा बैठी सकुचा कर’ द्वारा दूधिया शाल की व्यथा के बहाने खूब गुदगुदाया।छंदकार राजेन्द्र शुक्ल अमरेश, जगदंबा तिवारी मधुर, फतेह बहादुर कसक एवं पवन सिंह आदि ने अपनी रसभरी कविताओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया।लखनऊ से पधारे डॉ सत्या सिंह,डॉ ओम मिश्र,डॉ शेष मणि शुक्ल, रामचन्द्र मिश्र आदि ने संगोष्ठी में अपने विचार रखे।इस स्मृति दिवस पर स्मृति चिन्ह एवं अंगवस्त्र से अतिथियों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर डॉ अभिमन्यु पाण्डेय,राम सुन्दर तिवारी,गंगा सागर पाण्डेय,पुटृटी लाल तिवारी, दुर्गा प्रसाद मिश्र,राम मूर्ति शुक्ल, दुर्गा प्रसाद शुक्ल आदि गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।समारोह के अंत में आयोजक बलिभद्र प्रसाद पाण्डेय द्वारा आये हुए अतिथियों एवं संभ्रांत नागरिकों के प्रति आभार ज्ञापित किया गया।

