
नेशनल प्रेस टाइम्स ,ब्यूरो
बरेली। मंगलवार को अपना दल-एस के स्थापना दिवस पर पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल गरजीं। उन्होंने कहा कि डॉक्टर सोनेलाल पटेल ने सत्ता परिवर्तन नहीं, व्यवस्था परिवर्तन की बात कही थी। व्यवस्था परिवर्तन से हमारा तात्पर्य यह है कि आजादी की लड़ाई से अब तक जो लोग शोषित-वंचित तबके के रूप में रह गए हैं, उन्हें उनका अधिकार मिले। उन्हें उचित सम्मान मिले। सभी संसाधनों में उनकी भी भागीदारी सुनिश्चित हो।उन्होंने कहा कि लोकतंत्र के चारों स्तंभों में जब तक शोषित और वंचित समाज की भागीदारी सुनिश्चित नहीं होगी, तब तक व्यवस्था पुराने ढर्रे पर ही चलेगी और व्यवस्था में परिवर्तन नहीं होगा। कहा कि अपना दल हाशिए पर पड़े समुदाय को न्याय दिलाने की लड़ाई लड़ रहा है। 30 वर्षों की यात्रा के बाद आज अपना दल उत्तर प्रदेश की तीसरी बड़ी पार्टी है। इस बीच हमने कई बड़ी चुनौतियों का सामना किया।
हम सत्ता सुख के लिए राजनीति में नहीं आए’
अनुप्रिया पटेल ने कहा कि राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा देने के लिए आवाज अपना दल ने उठाई। हम उन लोगों में से नहीं हैं जो सत्ता के सुख के लिए राजनीति में हैं। हम हाशिए पर खड़े वंचित और शोषित समाज की आवाज हैं। नीट की परीक्षा में पिछड़ों के आरक्षण के लिए अपना दल ने आवाज उठाई। ओबीसी की क्रीमी लेयर की आय सीमा का दायरा बढ़ाने के लिए अपना दल ने आवाज उठाई। उत्तर प्रदेश में आउटसोर्सिंग की भर्तियों में पिछड़े, दलित और शोषित समाज के लोगों को आरक्षण देने की मांग अपना दल ने उठाई। नतीजतन सरकार ने उसे लागू कराया। अब हम पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्रालय की स्थापना के लिए संघर्ष कर रहे हैं। 69 हजार शिक्षकों की भर्ती के लिए भी अपना दल ही आवाज उठा रहा है।



