गाजियाबाद

लोनी में घरेलू गैस  सिलेंडर का अवैध दुरुपयोग 

जिम्मेदार प्रशासन के अधिकारी बने निश्छल 

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
लोनी : नगर पालिका क्षेत्र में जिम्मेदारों की अनदेखी के चलते घरेलू गैस सिलेंडरों का दुरुपयोग लगातार बढ़ता जा रहा है। होटल, रेस्टोरेंट, ढाबे, मिठाई की दुकानें और ठेलियों पर अंडा, चाट-पकौड़ी, समोसा जैसी खाद्य वस्तुएं बेचने वाले धड़ल्ले से खुलेआम घरेलू गैस का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं। इसके बावजूद जिम्मेदार विभागीय अधिकारी इनके खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं कर रहे और हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं।
सूत्रों के अनुसार, घरेलू गैस सिलेंडर का मूल्य कमर्शियल गैस सिलेंडर की तुलना में काफी कम है। 14 किलो का घरेलू सिलेंडर लगभग ₹850 में मिलता है, जबकि 19 किलो का कमर्शियल सिलेंडर ₹1613 में। घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत लगभग ₹61 प्रति किलो पड़ती है, जबकि कमर्शियल सिलेंडर की गैस ₹85 प्रति किलो में। ऐसे में केवल ₹24 प्रति किलो बचाने के लिए नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।
 गैस ट्रांसफर का खतरनाक खेल
कुछ स्थानीय नागरिकों ने बताया कि कुछ छोटे दुकानदार घरेलू सिलेंडर से गैस निकालकर कमर्शियल या छोटे गैस सिलेंडर में भर रहे हैं। अधिक लाभ के लालच में यह अवैध धंधा कालोनी में बिना रोक टोक चलाने वाले लोग अपनी और आसपास के लोगों की जान को भी खतरे में डाल रहे हैं। सुरक्षा मानकों की तो इन्हें कोई परवाह ही नहीं है
 कमर्शियल सिलेंडर सिर्फ शोपीस, घरेलू सिलेंडर हो रहे हैं प्रयोग 
जानकारों के मुताबिक, कई दुकानदारों ने गैस एजेंसी से कमर्शियल सिलेंडर के कनेक्शन तो ले रखे हैं, लेकिन रिफिल साल में एक-दो बार ही करवाते हैं। असल में अपनी दुकानों पर इस्तेमाल होने वाले घरेलू सिलेंडर छुपा कर रखते हैं, जबकि दिखावे के लिए कमर्शियल सिलेंडर भी मौके पर रखा जाता है। इससे सरकार को जहां भारी राजस्व की भी हानि हो रही है।वहीं यह कार्य किसी बड़ी दुर्घटना को भी आमंत्रण दे रहा है
 वाहनों में भी हो रहा घरेलू गैस सिलेंडर का प्रयोग 
घरेलू गैस सिलेंडरों का प्रयोग अब गैस चलित वाहनों में भी देखा जा रहा है। कई वाहन अवैध रूप से रिफिलिंग करने वाले दुकानदारों से गैस भरवा रहे हैं। इस अवैध गतिविधि से न सिर्फ नियमों का खुलेआम उल्लंघन हो रहा है, बल्कि यह कभी भी जानलेवा हादसे का कारण बन सकता है।
विशेषज्ञ चेतावनी: स्थानीय नागरिकों और विभागीय सूत्रों का कहना है कि यदि प्रशासन ने तत्काल कठोर कदम नहीं उठाया, तो गैस का यह दुरुपयोग न केवल आर्थिक नुकसान बल्कि गंभीर सुरक्षा खतरे का भी कारण बन सकता है।
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