
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
सिंगरौली। NCL खड़िया क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले विस्थापित गाँव अंबेडकर नगर (सेक्टर-बी) में स्वच्छता और बुनियादी सुविधाओं की दुर्दशा को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। ग्रामीण राघवेन्द्र प्रताप सिंह ने एनसीएल प्रबंधन को पत्र लिखकर गांव की स्थिति की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। पत्र के अनुसार, अंबेडकर नगर (सेक्टर-बी) में लंबे समय से गंदगी, जलभराव, कचरा निस्तारण, नालियों की सफाई और पेयजल जैसी समस्याएं बनी हुई हैं। गांव की सड़कें बदहाल हैं, नालियां जाम पड़ी हैं और जगह-जगह कूड़ा-कचरा फैला हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि यह स्थिति एनसीएल के पुनर्वास और विकास के वादों के विपरीत है।
शिकायतकर्ता राघवेन्द्र प्रताप सिंह ने बताया कि इन हालातों के कारण लोगों को मच्छरों और संक्रमणजनित बीमारियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि एनसीएल प्रशासन की CSR (कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी) और स्वच्छता अभियानों के नाम पर चल रही योजनाएं केवल कागजों पर हैं, जमीनी स्तर पर कोई सुधार नहीं दिख रहा है। राघवेन्द्र प्रताप सिंह ने अपने पत्र के साथ 4 नवंबर 2025 को ली गई तस्वीरें भी संलग्न की हैं, जिनमें गंदगी, जलभराव और कचरा प्रबंधन की भयावह स्थिति साफ दिखाई देती है।
उन्होंने पत्र में पाँच प्रमुख माँगें रखी हैं —
1. अंबेडकर नगर (सेक्टर-बी) की स्थिति पर उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन किया जाए।
2. गांव में तत्काल स्वच्छता अभियान और नालियों की सफाई कार्य शुरू किया जाए।
3. CSR और स्वच्छता योजनाओं का ऑडिट कर रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए।
4. लापरवाह अधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए।
5. भविष्य में ऐसे विस्थापित गांवों की नियमित निगरानी रिपोर्ट जारी की जाए ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
शिकायतकर्ता ने कहा कि “एनसीएल के खड़िया क्षेत्र के अंतर्गत विस्थापित परिवारों को विकास और स्वच्छ वातावरण देने का वादा किया गया था, लेकिन आज भी गांव गंदगी और उपेक्षा का शिकार है।” ग्रामीणों ने एनसीएल प्रबंधन और जिला प्रशासन से उम्मीद जताई है कि वे इस मामले को गंभीरता से लेकर जल्द कार्यवाही करें, ताकि विस्थापित परिवारों को सम्मानजनक और स्वच्छ जीवन-परिस्थितियाँ मिल सकें।




