
अधिकारियों से वार्ता के बाद देर रात किसानों ने धरना स्थगित किया, 11 नवंबर को लखनऊ परिषद मुख्यालय पर होगी बैठक
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
लोनी (गाजियाबाद)। भारतीय किसान यूनियन भाकियू के बैनर तले मंडोला विहार योजना के विरोध में चल रहा किसानों का सत्याग्रह आंदोलन धीरे-धीरे बड़ा रूप लेता गया। आंदोलन के क्रम में 3 नवंबर 2025 को किसानों ने पैदल यात्रा निकाली जो लोनी तहसील पहुंचकर धरना प्रदर्शन में तब्दील हो गई।
तहसील पहुंचने पर किसानों ने वहां अधिकारियों की गैरमौजूदगी पर नाराजगी जताते हुए उपजिलाधिकारी कार्यालय और नगर पालिका परिषद कार्यालय की तालाबंदी कर दी। इसके बाद किसानों ने धरना शुरू किया, जो लगातार दो दिन तक जारी रहा। इस दौरान किसानों और अधिकारियों के बीच कई बार नोकझोंक और वार्ता के प्रयास होते रहे।
धरने के दूसरे दिन अधिकारियों ने किसानों से धरना समाप्त करने का आग्रह किया, लेकिन किसान नेताओं ने साफ कहा कि वे जिलाधिकारी से वार्ता के बाद ही कोई निर्णय लेंगे।अपर जिलाधिकारी हूं अर्जुन विवेक मिश्रा ने देर रात किसानों की बात जिलाधिकारी गाजियाबाद से कराई गई, जिसके बाद वार्ता का रास्ता खुला।
जिसमें निर्णय हुआ कि आगामी 11 नवंबर को लखनऊ स्थित आवास विकास परिषद मुख्यालय में किसानों की आधिकारिक बैठक होगी। इसके बाद देर रात करीब 11 बजे किसानों ने धरना स्थगित करने की घोषणा की।
धरने के दौरान किसान नेताओं ने तहसील परिसर में मौजूद आम फरियादियों की समस्याएँ भी अधिकारियों से निपटवाईं, जिससे स्थानीय लोगों का समर्थन आंदोलन को मिलता गया। किसानों की सहमति के अनुसार तहसील परिसर में लगे बैनर और झंडे लखनऊ वार्ता तक वहीं लगे रहेंगे।
हालांकि, आवास विकास परिषद कार्यालय स्थित धरना स्थल से अधिकारियों द्वारा भारतीय किसान यूनियन के झंडे हटाए जाने पर किसानों ने नाराजगी जताई है। किसान नेताओं ने स्पष्ट किया है कि आगामी बैठक में इस मुद्दे के साथ अन्य महत्वपूर्ण बिंदुओं पर भी चर्चा की जाएगी।


