एसआईआर सह- सांगठनिक ढांचा को मजबूती प्रदान करने के ध्यानार्थ की गई परामर्श
Consultations were held to strengthen the SIR Co-organisational structure.

नेशनल प्रेस टाइम्स ब्यूरो।
पाकुड़। एसडीपीआई झारखंड प्रदेश कार्यकारिणी समिति की बैठक गुरुवार को एसडीपीआई क्षेत्रीय कार्यालय, पाकुड़ में प्रदेश अध्यक्ष मो० हंजेला शेख में सम्पन्न हुई। बैठक की शुरुआत विमेन इंडिया मूवमेंट (WIM) की प्रदेश अध्यक्ष वाजिदा खातून साहिबा के वेलकम भाषण से हुई। उन्होंने सभी अतिथियों एवं पदाधिकारियों का हार्दिक स्वागत करते हुए संगठन की भूमिका और महिला सशक्तिकरण के महत्व पर प्रकाश डाला। बैठक में मुख्य अतिथि झारखंड प्रभारी अब्दुल सलाम एन.यू. उपस्थित रहे। अपने संबोधन में उन्होंने संगठन के विस्तार, अनुशासन, और जनसंपर्क को मज़बूत करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि एसडीपीआई एक ऐसा आंदोलन है जो न्याय, समानता और भाईचारे के सिद्धांतों पर खड़ा है। झारखंड में संगठन को जमीनी स्तर तक मज़बूत करने के लिए हर कार्यकर्ता को मिशन की भावना से कार्य करना होगा। इसके बाद एसडीपीआई प्रदेश अध्यक्ष मो० हंजेला शेख ने अपने भाषण में कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा का संचार किया। उन्होंने कहा कि संगठन तभी मजबूत होगा जब हर कार्यकर्ता अपने अंदर सेवा और संघर्ष की भावना रखे। हमें लोगों की उम्मीद बनना है, उनकी आवाज़ बनना है। संघर्ष की राह आसान नहीं होती, लेकिन दृढ़ इरादे और सच्चे उद्देश्य के साथ हम झारखंड में बदलाव का नया अध्याय लिख सकते हैं। उन्होंने युवाओं और महिलाओं की सक्रिय भागीदारी की सराहना करते हुए कहा कि एसडीपीआई झारखंड में सामाजिक न्याय, शिक्षा, और समान अवसर के लिए निरंतर संघर्षरत रहेगा। बैठक में SIR (Special Intensive Revision) समेत संगठन विस्तार की रूपरेखा व झारखंड में आलिम-फाज़िल डिग्री को मान्यता दिलाने पर विमर्श किया गया। बैठक में प्रदेश उपाध्यक्ष हबीबुर रहमान, प्रदेश महासचिव शमीम अख्तर, विमेन इंडिया मूवमेंट की महासचिव महमूदा खातून, हाजेरा खातून, एसडीपीआई प्रदेश सचिव अमीर हमजा, प्रदेश कार्यकारिणी समिति सदस्य उमर फारूक, अधिवक्ता अब्दुल हन्नान, तथा विभिन्न जिलों के जिला अध्यक्षगण उपस्थित रहे। बैठक का समापन भाषण प्रदेश महासचिव शमीम अख्तर ने दिया। उन्होंने संगठन की एकता, जनसरोकार के मुद्दों और आगामी कार्यक्रमों पर बल देते हुए सभी पदाधिकारियों से ज़मीनी स्तर पर सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।



