बाराबंकी
अदबी कैनवस के तहत शेरी नशिस्त का आयोजन

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बारांबकी। शहर के मोहल्ला शारजह नगर में मशहूर शायर कैफ़ी रुदौलवी के आवास पर अदबी कैनवस के ज़ेरे एहतमाम एक शेरी नशिस्त का आयोजन किया गया।जिसकी सदारत डॉक्टर फ़िदा हुसैन ने की,जबकि निज़ामत वक़ार बाराबंकवी ने की।
ग़ैर तरही नशिस्त में मौजूद शायरों ने अपने अपने कलाम पेश किए। पसंद किए जाने वाले अशआर आपकी ख़िदमत में पेश हैं।
ज़िंदगी जश्न मनाने में लगी थी जिस दिन।
जीत मसरुफ़ थी साजिश में मेरी हार के साथ।।
डॉक्टर फ़िदा हुसैन
पूछा था सिर्फ़ दिल ने तेरे घर का रास्ता।
आंखों ने पूरे शहर का नक्शा बना दिया।।
वक़ार बाराबंकवी
ठोकर किसी की लगने से ज़र्रा जो क्या उड़ा।
इतरा के वो भी करने लगा आसमां से बात।।
डॉक्टर रेहान अलवी
कुछ तो नज़रें फेर के हमसे जाते हैं।
कुछ हम भी अब लोगों से कतराते हैं।।
कैफ़ी रुदौलवी
बात आई गई हुई लेकिन।
ज़ख्म दिल के भरे नहीं अब तक।।
आदर्श बाराबंकवी
इनके अलावा कामरान अहमद, मंज़ूर बिलाली, ज़फ़र इक़बाल, मोहम्मद नसीम तथा आफ़ताब अदब ने भी अपने अपने कलाम पेश किए।
नशिस्त के आख़िर में एलान किया गया कि बारी बारी से एक बार ग़ैर तरही और एक बार तरही नशिस्त हर महीने के तीसरे इतवार को शब सात बजे से आयोजित हुआ करेगी।इस बार अगली नशिस्त 16 नवम्बर को शाम सात बजे से शारजह नगर स्थित कैफ़ रुदौलवी के आवास पर होगी



