गोड्डा
मानव तन की विशेषता क्या है : स्वामी यादवेन्द्रानन्द

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
गोड्डा। शिवाजी नगर भतडीहा दुर्गा मंदिर के सामने दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान द्वारा श्रीराम चरितमानस एवं गीता ज्ञान यज्ञ का भव्य आयोजन चल रहा है। प्रथम दिवस सर्व आशुतोष महाराज की शिष्य स्वामी यादवेन्द्रानन्द ने मानव जीवन के महत्व को बताते हुए कहा कि प्रकृति का अद्भुत उपहार मानव शरीर (मानव तन) प्रकृति की सबसे जटिल और सुंदर कृतियों में से एक है। यह केवल एक भौतिक संरचना नहीं, बल्कि चेतना, संवेदना और बुद्धि का संगम है। यह तन कोई साधारण वस्तु नहीं, यह ईश्वर की बनाई हुई एक दुर्लभ और अनुपम रचना है। संत, महात्मा और ग्रंथों ने कहा है – “नर तनु दुर्लभ सदा सुखदाई, जासु बिरंचि अधम गुन गाई।” यह मनुष्य शरीर अत्यंत दुर्लभ है, जिसे स्वयं ब्रह्माजी ने भी सराहा है। करोड़ों योनियों के बाद यह तन मिलता है। इसी शरीर के माध्यम से हम धर्म, भक्ति, सेवा और मुक्ति का मार्ग अपना सकते हैं। शरीर केवल भोग विलास के लिए नहीं, बल्कि ब्रह्मज्ञान द्वारा आत्मसाक्षात्कार कर परमात्मा की प्राप्ति के लिए मानव तन मिला है। “भजो रे मन राम गोविंद हरे….” इस तन में ही हमें ईश्वर का स्मरण करना चाहिए। अंतरात्मा की अनुभूति
यह शरीर वह मंदिर है। जिसमें आत्मा निवास करती है और आत्मा के भीतर ही परमात्मा का वास है। इसलिए तन को पवित्र बनाए रखना आवश्यक है। योग और साधना: शरीर स्वस्थ हो, तभी मन शांत होगा और भक्ति की राह प्रशस्त होगी। योग, ध्यान और सच्चे आहार-विहार से शरीर को साधन बनाएं। सदुपयोग बनाम दुरुपयोग यह तन नश्वर है, परंतु इसका सदुपयोग करके हम अमरत्व की ओर बढ़ सकते हैं। इसलिए समय रहते इस शरीर का उपयोग अच्छे कर्म, सेवा और भक्ति में लगाएं। साध्वी सुनीता भारती ने कहा कि
सत्संग का सार यही है कि –
“जो तन लागे हरि भजन में, सो तन धन्य कहाए।” हम सबको चाहिए कि हम इस मानव तन का मान रखें, उसे साधन बनाएं, केवल भोजन, वस्त्र और सुखों तक न सीमित रखें – बल्कि उसे भगवत्स्मरण, सेवा, प्रेम और करुणा से पवित्र करें।
“यह तन विष की बेलरी, गुरु अमृत की खान।” “प्रभुजी थारो तन धन सब कुछ है।” दौरान मंचासिन साध्वी सुनिता भारती, गायिका साध्वी सरिता भारती गायक गोपाल, तबला वादक कुमार जी सुमधुर भजनों को सुनकर भक्तगण भाव विभोर हो उठें। इस मौके पर कार्यक्रम के व्यवस्थापक स्वामी संसदानंद एवं समस्त नगरवासियों के सहयोग से प्रारंभ हुआ है। इसके पूर्व कार्यक्रम का उद्घाटन पूर्व विधायक अमित कुमार मंडल, उमेश शर्मा पूर्व सैनिक, सुभाष दुबे, सुनीता मेहता पूर्व जिलाध्यक्ष के धर्मपत्नी, शिव शंकर सिंह, सामूहिक रूप से दीप्रज्जोलन के साथ किया गया था।



