राष्ट्रीय

मोदी की खामोशी, पाकिस्तान में होने लगी हाई लेवल मीटिंग

बॉर्डर पर फिर ब्रह्मोस गरजने वाला है?

प्रधानमंत्री मोदी भूटान से लौटे और एक पल की देरी किए बिना सीधे अस्पताल पहुंच गए। घायलों का हौसला बढ़ाया और फिर सीसीएस की मीटिंग भी ली।
लाल किले के पास धमाका भारत के दिल में जख्म देने की कोशिश और पीछे वही पुराना नाम जैश मोहम्मद जी हां वही संगठन जो पाकिस्तान की गोद में पलता है भारत के खिलाफ जहर उगलता है और हर बार किसी ना किसी नापाक साजिश को रचता है पर इस बार खेल अलग नजर आ रहा है और पीएम मोदी का इरादा भी साफ है। प्रधानमंत्री मोदी भूटान से लौटे और एक पल की देरी किए बिना सीधे अस्पताल पहुंच गए। घायलों का हौसला बढ़ाया और फिर सीसीएस की मीटिंग भी ली।
दिल्ली के लाल किले के पास हुए विस्फोट के जिÞम्मेदारों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वादे के बाद पाकिस्तान बौखला गया है। भारत सरकार ने आधिकारिक तौर पर इस घटना को आतंकी हमला घोषित कर दिया, और प्रधानमंत्री मोदी ने 24 घंटे के अंदर दूसरी बार जोर देकर कहा कि आतंकवादियों और उनके आकाओं को कड़ी सजा मिलेगी।
पाकिस्तान इस बार अपने आप को बचा नहीं पाएगा। हम आॅपरेशन सिंदूर खत्म नहीं हुआ है। आॅपरेशन सिंदूर जारी है। और इस बात को भी आप समझिए। प्रधानमंत्री मोदी ने कई बार कहा कि जो मिलिट्री एक्शन हमने लिया जिस तरीके से आतंक के ठिकानों को हमने नेस्तोनाबूत किया वो आॅपरेशन सिंदूर का मात्र एक एक्सप्रेशन है। मल्टीपल लेवल पे आॅपरेशन सिंदूर चल रहा है। पीएम मोदी की खामोशी बस एक बात कही जा रही है कि इसके पीछे जो कोई भी है हां उसको बख्शा नहीं जाएगा। उसको छोड़ा नहीं जाएगा।
प्रारंभिक जाँच पाकिस्तान स्थित आतंकवादी समूहों की ओर इशारा करती है- प्रारंभिक जाँच से पता चलता है कि दिल्ली हमले और लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद सहित पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठनों के बीच संबंध हैं। इससे भारत की ओर से बड़े पैमाने पर जवाबी कार्रवाई की संभावना को लेकर पाकिस्तान में चिंताएँ बढ़ गई हैं।
पाकिस्तान में उच्चस्तरीय बैठक-पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने स्थिति पर चर्चा के लिए राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी और शीर्ष कैबिनेट मंत्रियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक बुलाई। इस बैठक में गृह मंत्री मोहसिन नकवी, कानून मंत्री आजम नजीर तरार और पूर्व प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी सहित अन्य लोग शामिल हुए। बैठक से पहले, पाकिस्तानी कैबिनेट के कई सदस्यों ने कथित तौर पर कहा कि उनका देश अब भारत के साथ युद्ध की स्थिति में है। स्वास्थ्य मंत्री सैयद मुस्तफा कमाल ने कहा कि मई में शुरू हुआ भारत-पाकिस्तान संघर्ष अभी पूरी तरह से समाप्त नहीं हुआ है, और दिल्ली विस्फोट के बाद सीमा पर तनाव फिर से बढ़ गया है।
रक्षा मंत्री आसिफ ने आर्थिक तंगी की चेतावनी दी-भारतीय हमले का डर इतना गहरा गया है कि पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने भी युद्ध की बात करने से परहेज किया है। बैठक के दौरान, आसिफ ने कथित तौर पर प्रधानमंत्री शरीफ से कहा कि पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति उसे भारत या अफगानिस्तान के खिलाफ युद्ध छेड़ने की इजाजत नहीं देती।\

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