गाजियाबाद

लोनी में ओयो होटलों का खेल 

कानून बेअसर,संस्कृति पर संकट

  अवैध होटलों की बढ़ती संख्या से युवाओं में बढ़ रहा है भटकाव , अभिभावक चिंतित, प्रशासन की निष्क्रियता पर फिर उठे सवाल 

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो

लोनी । क्षेत्र में तेजी से बढ़ते ओयो होटल और गेस्ट हाउस अब क्षेत्र में चर्चा का केंद्र बन गए हैं। नागरिकों और सामाजिक संगठनों का आरोप है कि इन होटलों में अनैतिक गतिविधियों को खुली छूट मिली हुई है। हैरानी की बात यह है कि स्थानीय विधायक तक के हस्तक्षेप के बावजूद इन पर अभी तक रोक नहीं लगाई जा सकी है। मोटी कमाई के लालच में होटल संचालक भारतीय संस्कृति को तार-तार करने से भी नहीं हिचक रहे हैं।
नागरिकों का कहना है कि इन अवैध रूप से चल रहे होटलों के पीछे विभागीय अधिकारियों का संरक्षण है, जो अपने निजी स्वार्थ के चलते इस और से आंखें मूंदे बैठे हैं। इसी वजह से इन होटलों में चल रही संदिग्ध गतिविधियों पर न तो प्रशासन का शिकंजा कस पा रहा है और न ही कोई ठोस कार्यवाही हो रही है।
युवा पीढ़ी पर पड़ रहा इसका नकारात्मक असर
क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि इन ओयो होटल और गेस्ट हाउस की तरफ स्कूली और कॉलेज जाने वाले छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में आकर्षित हो रहे हैं। यह प्रवृत्ति न केवल समाज में नैतिक पतन का कारण बन रही है बल्कि युवा पीढ़ी को गलत दिशा में धकेल रही है।
स्थानीय नागरिकों के अनुसार, होटल संचालक अवैध रूप से मोटी रकम कमाने के चक्कर में युवाओं के जीवन को भटकाव की ओर ले जा रहे हैं। कुछ संचालक तो कथित रूप से ब्लैकमेलिंग और वसूली जैसे कृत्यों में भी लिप्त बताए जाते हैं
पहले भी उजागर हो चुके हैं यहां शर्मनाक मामले
गौरतलब है कि बीते वर्ष प्रेम नगर कॉलोनी स्थित एक होटल में कई जोड़े आपत्तिजनक स्थिति में पकड़े गए थे। उस घटना ने यह साबित कर दिया था कि इन होटलों में किस प्रकार गैरकानूनी गतिविधियां फल-फूल रही हैं।
विधायक का हस्तक्षेप, फिर भी कार्यवाही अधूरी
स्थानीय विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने पूर्व में तत्कालीन एसडीएम को पत्र लिखकर अवैध रूप से संचालित ओयो होटलों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की मांग की थी। उन्होंने पत्र में उल्लेख किया था कि कुछ माह पूर्व ऐसे होटलों पर सीलिंग की कार्यवाही की गई थी, लेकिन कुछ ही दिनों में ये दोबारा खुल गए।
विधायक का कहना था कि ऐसे होटलों को चलाने के लिए कम से कम आधा दर्जन विभागों की एनओसी अनिवार्य होती है, मगर यहां प्रशासनिक सांठगांठ के चलते बिना किसी प्रमाणपत्र के संचालन जारी है। उन्होंने इस पर कड़ी नाराज़गी जताते हुए प्रशासन से सख्त कदम उठाने को कहा था
डीएम के आदेशों की उड़ रही धज्जियां
भाजपा नेता पं. ललित शर्मा के नेतृत्व में पिछले वर्ष “ओयो होटल हटाओ – लोनी बचाओ” अभियान चलाया गया था, जिसके तहत करीब छह महीने तक जनजागरण किया गया। उस समय प्रशासन ने 27 अवैध होटल और गेस्ट हाउसों को चिन्हित कर बंद करने के आदेश जारी किए थे।
लेकिन स्थिति आज भी जस की तस है। अधिकांश होटल अब भी खुलेआम संचालित हो रहे हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि जिला प्रशासन के आदेश केवल कागजों तक ही सीमित रह गए हैं
जनता में आक्रोश, प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग
स्थानीय निवासियों का कहना है कि रिहायशी इलाकों, स्कूलों और मंदिरों के पास ऐसे होटलों का होना न केवल  कानून का उल्लंघन है बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी गंभीर चिंता का विषय है। लोगों ने शासन और प्रशासन से मांग की है कि ऐसे होटलों पर तत्काल रोक लगाई जाए, अन्यथा व्यापक जनआंदोलन छेड़ा जाएगा।
Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button