गाजियाबाद

नौरसपुर में अवैध रेत खनन कार्य बेखौफ

किसानों की शिकायत जिलाधिकारी तक पहुँची

अधिकारियों की अनदेखी से खनन माफियाओं के हौसले बुन्द 
सूचना लीक होने से हर बार विफल होती कार्रवाई, किसानों ने मांगी सुरक्षा

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो

लोनी, गाजियाबाद। लोनी तहसील के नौरसपुर गांव में अवैध रेत खनन का मुद्दा अब गंभीर रूप ले चुका है और किसानों की शिकायत सीधे जिलाधिकारी तक पहुँच गई है। किसानों ब्रजनाथ त्यागी और दीपांशु त्यागी ने दिए गए पत्र में आरोप लगाया है कि खसरा संख्या 98, 99, 100, 101 और 102 से उनकी खेत की मिट्टी और बालू लंबे समय से चोरी की जा रही है, जिसकी कई बार चौकी, थाने, तहसील, एसडीएम लोनी और खनन विभाग को जानकारी दी गई, लेकिन कार्रवाई के नाम पर कुछ भी ठोस नहीं हुआ।
दो पुलिस चौकियों के बीच जिम्मेदारी टालने का खेल
किसानों ने बताया कि अवैध खनन से भरे वाहन मंडोला चौकी क्षेत्र से निकलकर पचायरा चौकी तक पहुँचते हैं, लेकिन दोनों चौकियों के पुलिसकर्मी इसे एक-दूसरे के क्षेत्र का मामला बताकर पल्ला झाड़ लेते हैं। दोनों ही चौकियां ट्रोनिका सिटी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आती हैं, फिर भी कार्यवाही से बचने की कोशिश की जाती है।
यमुना किनारे खेतों में भारी मशीनों से अवैध खनन
शिकायत के अनुसार यमुना किनारे ठोकर नंबर 15 सुंगरपुर के सामने वाले क्षेत्र में बड़े पैमाने पर मशीनों से रेत निकाली जा रही है। इस अवैध खनन में शामिल लोगों के नाम भी बताए गए हैं—
उधम सिंह ,काले, विकास, बलबीर आदि लोग अवैध रेत खनन के कार्य को खुलेआम अंजाम दे रहे हैं
इन पर आरोप है कि ये भारी मशीनों का प्रयोग कर निरंतर खनन कर रहे हैं।
अपराधी प्रवृत्ति और धमकियों का आरोप
किसानों ने बताया कि ये लोग न सिर्फ अपराधी प्रवृत्ति के हैं बल्कि शिकायत करने पर मारपीट व झगड़े पर भी उतर आते हैं। किसानों का कहना है कि कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से माफियाओं ने उनकी जमीन पर कब्जा कर रेत खनन जारी रखा है।
सूचना लीक, हर बार नाकाम होती कार्रवाई
किसानों का गंभीर आरोप है कि जब भी प्रशासन छापेमारी की तैयारी करता है, उससे पहले ही खनन माफियाओं को फोन से सूचना दे दी जाती है। इसके बाद सभी वाहन और मशीनें मौके से हटा ली जाती हैं, जिससे कार्यवाही हर बार बेअसर साबित होती है।
अधिकारियों की शह से बेखौफ माफिया
ग्रामीणों ने कहा कि अवैध रेत खनन पर रोक न लग पाने का बड़ा कारण  तहसील और पुलिस अधिकारियों का रेत खनन से जुड़े लोग को संरक्षण है। इसी कारण माफियाओं के हौसले लगातार बढ़ रहे हैं।
अन्य सक्रिय नाम भी सामने आए
सूत्रों के अनुसार पचायरा क्षेत्र में सुमित, सुबोध, कपिल, विकास, अंकित, राहुल त्यागी, सचिन और सत्यवीर भी रेत खनन के काम में सक्रिय बताए जा रहे हैं। इनमें से कई लोग चोरी–छिपे खनन कर अधिकारियों को गुमराह करते हैं।
किसानों की मांग: अवैध खनन पर रोक और सुरक्षा
किसानों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि उनकी जमीन और जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए तथा नौरसपुर, पचायरा और सुंगरपुर में हो रहे अवैध रेत खनन पर तुरंत रोक लगाई जाए। साथ ही, अधिकारियों की मिलीभगत की जांच कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए।
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