हमें अपनी आदिवासी संस्कृति को नहीं भूलनी चाहिए-गौतरिया मरावी
झामूल में जनजातीय गौरववर्ष के रूप में मनाया भगवान बिरसा मुंडा कि जयंती

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बालाघाट(म0प्र0) : बैहर तहसील के बिरसा जनपद पंचायत अन्तर्गत आने वाली ग्राम पंचायत झामूल में 15 नवम्बर दिन शनिवार को भगवान बिरसा मुंडा कि जयंती समारोह पूर्वक मनाया गया,वहीं उक्त आयोजित कार्यक्रम ग्राम सरपंच गौतरिया मरावी व उपसरपंच प्रेमलाल सोनकोतरी कि प्रमुख उपस्थिती में कार्यक्रम कि शुरुआत हुई जिसमें आदीवासी जननायक भगवान बिरसा मुंडा, डॉ. भीमराव आंबेडकर व महात्मा गांधी के छायाचित्र पर पूजन अर्चन कर माल्यार्पण किया गया वहीं भगवान बिरसा मुंडा कि जयंती के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में जनजातीय गौरववर्ष वर्ष के रूप में मनाया गया जहां पर सभी पंचगण व सभी समाजिकगण मौजूद रहें।
*हमें अपनी मूल आदिवासी संस्कृति को नहीं भूलनी चाहिए-गौतरिया मरावी*
ग्राम सरपंच गौतरिया मरावी ने प्रेस से चर्चा करते हुए बताया कि जल,जंगल,जमीन को बचाने वाले बेजुबानों को जुबान देने वाले हम बिरसा मुंडा के लोग है बुंदेलशाह और कुंवर शाह के लोग हैं आदिवासी हमेशा सच्चा होता है कभी झूठ नही बोलता,जो कहता है वही करता है।हमारे भगवान बिरसा मुंडा का जन्म 1874 में झारझंड में हुआ था तथा जनजातीय स्वतंत्रता सेनानी और उपनिवेशवाद विरोधी बिरसा मुंडा कि जयंती हर वर्ष 15 नवंबर को मनाते हुए आ रहे तथा इस वर्ष 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में जनजातीय गौरववर्ष के रूप में मनाया,उस समय तीर उठाने की जरूरत थी अब कलम उठाने का समय है अभी हमारे आदिवासी भाईयो को पट्टा मिल रहा है माता-पिता अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दे,अच्छा संस्कार दे,याद रखना हमें अपने जल,जंगल,जमीन को बचाना है आदिवासी भाइयों को बहला फुसला कर बहारी लोग उनकी जमीन खरीद रहे है अपनी जमीन को बचाए रखे और बच्चों को बिरसा मुंडा कौन थे उन्हें बताए और उन्हें सम्मान सिखाए।




