सिंगरौली
औद्योगिक क्षेत्र बैढ़न में बारूद व रसायन के निर्माण में लगे उद्योगों द्वारा आम लोगों के स्वास्थ्य से किया जा रहा हैं खिलवाड़।
उद्योगों द्वारा खुले में जहरीला कचरा जलाने से स्थानीय लोगों में बढ़ रही है गंभीर बीमारियों का प्रकोप।

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
सिंगरौली । औद्योगिक क्षेत्र बैढ़न में बारूद व रसायन की उत्पादन करने वाले उद्योगों द्वारा ग्राम बलियरी में अवैज्ञानिक तरीके से खुले में जहरीला कचरे को जलाकर बैढ़न के घनी आबादी क्षेत्र में प्रदूषण फैलाया जा रहा है। सिंगरौली जिला के ग्राम बलियरी में मध्य प्रदेश औद्योगिक विकास निगम (MPIDC) द्वारा औद्योगिक क्षेत्र स्थापित किया गया है। उक्त औद्योगिक क्षेत्र में लगभग दो दर्जन से अधिक बारूद तथा रसायन का निर्माण करने वाली कंपनियां संचालित है। देखने में यह आ रहा है कि मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सिंगरौली तथा जिला प्रशासन सिंगरौली के जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही का फायदा उठाते हुए बारूद बनाने में लगने वाली सामग्री तथा रसायन उत्पादन करने वाले उद्योग के संचालकों द्वारा औद्योगिक क्षेत्र बैढ़न के बगल में खाली पड़े जमीनों पर उद्योगों से निकलने वाले जहरीले कचरे को खुले में फेंका जा रहा है और जब भारी मात्रा में जहरीला कचरा इकट्ठा हो जाता है तो फिर उक्त कचरे को आग लगाकर अवैज्ञानिक तरीके से जला दिया जाता है। जबकि नियमानुसार उक्त जहरीले कचरे को नष्ट करने के लिए ऐसे एजेंसियों को दिया जाना चाहिए जो केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड दिल्ली से पंजीकृत हों। जहरीला कचरा को नष्ट करने वाले एजेंसियों के पास उत्कृष्ट उच्च तापमान वाले भट्ठियां होती हैं जिसमें जहरीला कचरा को वैज्ञानिक तरीके से नष्ट किया जाता है। सिंगरौली जिला में मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा पांच ट्रांसपोर्ट एजेंसियों को जहरीला कचरा परिवहन के लिए अधिकृत किया गया है।
जिनके नाम क्रमशः है.
1. भीम इंटरप्राइजेज, गोल मार्केट जयंत,
(वैधता 31/03/2029)
2. आर.के. ट्रांसपोर्ट एजेंसी, ग्राम ढोटी-बैढ़न
(वैधता 31/03/2029)
3. रीवा रिफायनरी प्राइवेट लिमिटेड, प्लॉट नंबर 4, औद्योगिक क्षेत्र, बैढ़न
(वैधता 30/11/2028)
4. ज्वालामुखी इंटरप्राइजेज, प्लॉट नंबर 54/4, गुरुकुल स्कूल के पास, बरगवां
(वैधता 30/04/2029)
5. आर.एस. ट्रांसपोर्ट एंड कंपनी,
प्लॉट नंबर 103/4 सांई महाविद्यालय के पास, ग्राम ढोटी-बैढ़न
(वैधता 31/10/2030)
नियमानुसार औद्योगिक क्षेत्र बैढ़न में स्थित कंपनियों द्वारा बारूद व रसायन निर्माण के दौरान निकलने वाले जहरीले कचरे को उपरोक्त ट्रांसपोर्ट एजेंसियों के हवाले करना चाहिए। लेकिन पैसा बचाने के लालच में स्वयं जहरीला कचरा को अवैज्ञानिक तरीके से खुले में जलाकर आम नागरिकों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ कर रहे हैं। जानकारों का कहना है कि जहरीले कचरे से निकलने वाले धुएं अगर सांस लेने के दौरान फेफड़ों के अंदर चले जाते हैं तो इससे इंसानों में कैंसर होने का खतरा बहुत अधिक बढ़ जाता है।




