गाजियाबाद
अंकुर बिहार डी एल एफ में एम.एम. रोड नाले का निर्माण शुरू
लेकिन उद्घाटन में सभासद की गैरमौजूदगी ने बढ़ाई राजनीतिक गर्मी
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
लोनी, गाजियाबाद : नगरपालिका परिषद लोनी के वार्ड 33 डीएलएफ अंकुर बिहार में वर्षों से रुके एम.एम. रोड नाले तथा सड़क के दोनों तरफ इंटरलॉकिंग टाइल निर्माण कार्य की मंजूरी के बाद आखिरकार काम का शुभारंभ हो गया। मगर जहां यह विकास कार्य स्थानीय निवासियों के लिए राहत लेकर आया, वहीं उद्घाटन कार्यक्रम में नगरपालिका परिषद लोनी के भाजपा सभासद रामनिवास त्रिपाठी की अनुपस्थिति ने कई सवाल खड़े कर दिए
सभासद की लगातार कोशिशों से उठा मुद्दा, जनसुनवाई से लेकर लोकसभा अध्यक्ष तक पहुंची आवाज
सभासद रामनिवास त्रिपाठी पिछले एक वर्ष से इस निर्माण कार्य को शुरू कराने के लिए लगातार प्रयासरत थे।
1 फरवरी 2024 को उन्होंने मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल (शिकायत संख्या 20014024000131) पर बताया कि लगभग 30 हजार आबादी वाला डीएलएफ अंकुर बिहार कच्चे नाले और जलभराव की समस्या से जूझ रहा है।
नाले के ओवरफ्लो से बार-बार सड़क और घरों में पानी भरने की समस्या को रेखांकित करते हुए
30 मार्च 2024 को आईजीआरएस शिकायत (संख्या 20014024004755) के जरिये जिलाधिकारी को बताया कि जल निकासी बाधित होने से एम.एम. रोड का निर्माण रुका हुआ है।
लगातार पत्राचार के बाद 24 अप्रैल 2024 को जीडीए ने पत्र संख्या 146 जारी कर स्वीकार किया कि अनुबंधित कार्य पूरा है, पर एम.एम. रोड की दूसरी तरफ नाले के निर्माण की जिम्मेदारी नगरपालिका लोनी की है।
इसके बाद सभासद ने मुद्दे को ऊँचे स्तर पर उठाया—
25 अक्टूबर 2024 को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला को प्रार्थना पत्र देकर हस्तक्षेप की मांग की।
इसके अतिरिक्त, 20 जून 2024 को लोनी विधायक नंदकिशोर गुर्जर से मुलाकात कर एक तरफ आरसीसी नाला एवं दोनों ओर इंटरलॉकिंग टाइल लगाने का प्रस्ताव रखा।
विधायक गुर्जर ने विषय की गंभीरता को देखते हुए 1 जुलाई 2024 को जीडीए उपाध्यक्ष को पत्र भेजकर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।
विधायक ने किया उद्घाटन, सभासद नदारद—शहर में चर्चाओं का दौर तेज
सभी स्तरों पर लंबी कोशिशों के बाद एम.एम. रोड पर आरसीसी नाला और इंटरलॉकिंग टाइल निर्माण को मंजूरी मिली और कार्य का शुभारंभ विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने मौके पर पहुँचकर किया।
लेकिन चौंकाने वाली बात यह रही कि इस अभियान को आगे बढ़ाने में मुख्य भूमिका निभाने वाले सभासद रामनिवास त्रिपाठी उद्घाटन में शामिल नहीं हुए।
इसकी वजह से क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएँ फैल गईं—
क्या विधायक और सभासद के बीच मतभेद बढ़ गए हैं?
क्या सभासद को अपने प्रयासों का श्रेय न मिलने का मलाल है?
क्या राजनीतिक कारणों से दोनों एक ही मंच पर नहीं आए?
हालाँकि सभासद की ओर से इस विषय पर कोई बयान नहीं दिया गया है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में यह मुद्दा चर्चा का विषय बना हुआ ह
जनता को मिली सबसे बड़ी राहत—जलभराव की समस्या से निजात की उम्मीदें बढ़ीं
विवाद और राजनीतिक समीकरणों से इतर, स्थानीय लोग नाले और सड़क के निर्माण कार्य शुरू होने से काफी खुश हैं। बरसात में हर साल होने वाली जलभराव की समस्या से अब राहत मिलने की संभावना है।
वार्ड 33 में वर्षों से लंबित यह कार्य अंततः शुरू होने से जनता ने राहत की साँस ली है, हालांकि उद्घाटन कार्यक्रम में सभासद की अनुपस्थिति और पूरा श्रेय विधायक को मिलने की स्थिति ने नए सवालों को जन्म दे दिया है।
