गोड्डा

30 दिनों में समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन की चेतावनी

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो 
गोड्डा। झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (JSLPS) के अंतर्गत कार्यरत कर्मियों ने अपनी सेवा शर्तों, वेतन संरचना और पदोन्नति नीति से जुड़े कई लम्बित मुद्दों पर राज्य सरकार और प्रबंधन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। कर्मियों का कहना है कि वे पिछले कई वर्षों से ग्रामीण, आदिवासी, पहाड़ी एवं दूरस्थ क्षेत्रों में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण, आजीविका संवर्धन, बैंकिंग लिंकेंज, मिशन अंत्योदय, SHG संचालन एवं सामुदायिक विकास जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रम संचालित कर रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद उनकी मूलभूत सेवा सुविधाएँ अब तक सुनिश्चित नहीं हो सकी हैं। वासुदेव पंडित ने कहा कि राज्य द्वारा संचालित विकास एवं आजीविका कार्यक्रमों को जमीनी स्तर तक सफलतापूर्वक पहुंचाने में JSLPS कर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका है, लेकिन सेवा सुरक्षा, पदस्थापन नीति, वेतन समानता और कैरियर ग्रोथ के अभाव में कर्मचारी स्वयं असुरक्षित और हाशिये पर महसूस कर रहे हैं।
कर्मियों की प्रमुख मांगो में
JSLPS को सोसाइटी एक्ट से मुक्त कर “राज्यकर्मी का दर्जा” प्रदान किया जाए। जब तक यह प्रक्रिया पूर्ण नहीं होती, तब तक समान कार्य के लिए समान वेतन लागू करने की मांग रखी गई है।
संघ ने कहा कि केंद्र सरकार की निर्धारित अवधि समाप्त हो चुकी है, इसलिए नीति को बिना संशोधन के तत्काल लागू किया जाए।  स्तर-07 एवं स्तर-08 के पनेशनदों पर आंतरिक पदोन्नति नीति लागू की जाए। यह योग्यता, अनुभव एवं सेवा अवधि के आधार पर लागू करने की मांग की गई है। 10% वार्षिक वेतन वृद्धि लागू की जाए
जिसमें 3% इंक्रीमेंट और 2 किस्त DA शामिल है।
संघ का कहना है कि यह प्रावधान पूर्व से HR Manual में दर्ज है, लेकिन लागू नहीं किया जा रहा है। गृह जिला आधारित स्थायी पदस्थापन नीति लागू की जाए। संघ का तर्क है कि इससे कार्यक्रम संचालन में दक्षता और जिम्मेदारी दोनों में वृद्धि होगी।
कर्मियों का कहना है कि अगर जल आश्वासन नहीं मिला तो बड़े अस्तर का आंदोलन  करेंगे
संघ ने स्पष्ट किया है कि यदि उनकी मांगों पर अगले 30 दिनों के भीतर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो वे चरणबद्ध आंदोलन, कार्य बहिष्कार और सामूहिक प्रदर्शन के लिए बाध्य होंगे। संघ ने कहा कि भविष्य में इससे कार्यक्रम संचालन प्रभावित होता है, तो उसकी नैतिक एवं प्रशासनिक जिम्मेदारी प्रबंधन और संबंधित विभाग की होगी।
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