बरेली
सीबीएसई बोर्ड द्वारा छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए आयोजित किया गया वेबीनार

नेशनल प्रेस टाइम्स ,ब्यूरो
बरेली : यह वेबिनार कक्षा 10 के लिए वर्ष 2025-26 से लागू होने वाली दो बोर्ड परीक्षाओं की नई प्रणाली के संचालन और प्रक्रियात्मक दिशानिर्देशों पर आधारित था। यह नई व्यवस्था राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के अनुरूप तैयार की गई है, जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों पर एक ही परीक्षा के अत्यधिक दबाव को कम करना, सीखने को अधिक प्रभावी बनाना और उन्हें अपने प्रदर्शन में सुधार करने का वास्तविक अवसर उपलब्ध कराना है।
वेबिनार के दौरान CBSE के चेयरपर्सन श्री राहुल सिंह ने बताया कि पारंपरिक “एक-दिवसीय, उच्च दांव वाली परीक्षा” अब लचीली “दो परीक्षा प्रणाली” से प्रतिस्थापित की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा (NCF) द्वारा सुझाए गए तीन मॉडलों में से सेमेस्टर प्रणाली और एनीटाइम एग्ज़ाम व्यवहारिक रूप से उपयुक्त नहीं पाए गए। इसलिए तीसरा मॉडल — वर्ष में दो बोर्ड परीक्षाएँ — सबसे संतुलित पाया गया, जिसे CBSE ने स्वीकार किया है। यह भी स्पष्ट किया गया कि CBSE विद्यार्थियों को “opportunity shopping” यानी पहली परीक्षा को छोड़कर केवल दूसरी परीक्षा चुनने जैसी प्रवृत्ति से बचाना चाहता है। इसलिए पहली परीक्षा सभी विद्यार्थियों के लिए अनिवार्य है और विद्यार्थियों को कम से कम तीन मुख्य विषयों में उपस्थित होना आवश्यक होगा।
प्रैक्टिकल परीक्षाएँ किसी भी स्थिति में दोबारा नहीं होंगी।
वेबिनार में यह भी साझा किया गया कि पहली परीक्षा (फरवरी) का परिणाम आने के बाद ही दूसरी परीक्षा (मई) के लिए अलग LOC विंडो खोली जाएगी, जो सीमित समय के लिए उपलब्ध होगी।
अनुमान है कि लगभग 40% विद्यार्थी अपने अंकों को सुधारने के उद्देश्य से मई सत्र की परीक्षा में सम्मिलित हो सकते हैं, जिसके अनुसार लगभग 20–30 लाख उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन किया जाएगा। दूसरी परीक्षा का परिणाम जून के अंत तक जारी कर दिया जाएगा, ताकि कक्षा 11 में प्रवेश और अन्य शैक्षणिक प्रक्रियाएँ समय पर प्रारंभ हो सकें।
CBSE परीक्षा नियंत्रक डॉ. संयम भारद्वाज ने बताया कि वर्ष 2025-26 से कुल चार बोर्ड परीक्षाएँ आयोजित होंगी — कक्षा 10 और 12 की मुख्य एवं सुधार/पूरक परीक्षाएँ। कक्षा 10 का परिणाम अप्रैल के अंत तक और कक्षा 12 का परिणाम 15 मई तक जारी करने की योजना साझा की गई। मई सत्र की परीक्षा का परिणाम जून में और कक्षा 12 की पूरक परीक्षा का परिणाम अगस्त के प्रथम सप्ताह में उपलब्ध होगा। उन्होंने यह भी बताया कि “Best Score Policy” लागू होगी, जिसमें विद्यार्थी दोनों प्रयासों में उपस्थित होने पर उनके लिए सर्वाधिक प्राप्त अंक ही अंतिम मार्कशीट में दर्शाए जाएंगे। विद्यालयों के लिए दिशा-निर्देशों में यह स्पष्ट रूप से कहा गया कि कक्षा 9 से 12 तक का LOC कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण किया जा चुका है। कक्षा 12 की प्रैक्टिकल परीक्षाओं की तिथि-खिड़की जारी की जा चुकी है। छात्र उपस्थिति पर भी गंभीरता से बल दिया गया। 75% उपस्थिति अनिवार्य है, जिसका आकलन 31 दिसंबर तक किया जाएगा। कम उपस्थिति वाले विद्यार्थियों की रिपोर्ट CBSE को भेजना विद्यालय की जिम्मेदारी होगी। परीक्षा केंद्र पर मोबाइल फोन लाना पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। परीक्षा से पहले विद्यालयों द्वारा अभिभावक–छात्र अभिमुखीकरण बैठकें आयोजित करने की भी सलाह दी गई, ताकि अभिभावकों में किसी प्रकार की भ्रम या गलतफहमी न रहे।
इस वर्ष CBSE ने अपनी पारदर्शिता को और सुदृढ़ करते हुए तिथि पत्र लगभग 150 दिन पहले जारी किया है,
कुल मिलाकर यह वेबिनार नई परीक्षा प्रणाली को समझने और सुचारू रूप से लागू करने के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध हुआ।



