गाजियाबाद
शिव विहार मेट्रो स्टेशन के नीचे लगाए गए एमसीडी टोल टैक्स पर हंगामा
व्यापारियों व स्थानीय निवासियों का उग्र विरोध

दिल्ली–सहारनपुर मार्ग पर घंटों जाम, पुलिस ने समझा-बुझाकर खुलवाया रास्ता
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
लोनी गाजियाबाद : शिव विहार मेट्रो स्टेशन के नीचे दिल्ली एमसीडी द्वारा पिछले दो–तीन दिन पूर्व लगाए गए टोल टैक्स पॉइंट को लेकर शुक्रवार को क्षेत्र में भारी हंगामा और विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। स्थानीय नागरिकों, व्यापारियों और राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं ने टोल प्रणाली को “ग़ैर-जरूरी और अवैध” बताते हुए जोरदार विरोध जताया। विरोध के दौरान टोल कर्मचारियों तथा गुस्साए लोगों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई, जिससे वातावरण तनावपूर्ण हो गया।
प्रदर्शनकारियों ने टोल टैक्स हटाने की मांग करते हुए दिल्ली–सहारनपुर मार्ग पर पुलिस की बेरिकेडिंग को घेर लिया और कुछ देर बाद सड़क पर बैठकर जाम लगा दिया। सैकड़ों लोगों की भीड़ एकत्र हो गई, जिसके चलते यातायात घंटों तक बाधित रहा।
पुलिस मौके पर पहुंची, जाम खुलवाने में जुटी
सूचना मिलते ही लोनी बॉर्डर थाना प्रभारी हरेंद्र मलिक पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचे। उन्होंने प्रदर्शन कर रहे लोगों से संवाद स्थापित किया और स्थिति शांत कराने का प्रयास किया। काफी समझाने-बुझाने तथा टोल बैरियर न लगाने के आश्वासन के बाद ही प्रदर्शनकारियों ने रास्ता खोला।
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस चौकी के कर्मचारी पूरी घटना के दौरान केवल “मूक दर्शक” बने रहे और स्थिति को नियंत्रित करने में सक्रिय भूमिका नहीं निभाई।
टोल पर सवाल: ‘जब सड़क यूपी की है, तो टैक्स दिल्ली क्यों वसूले?’
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि शिव विहार मेट्रो स्टेशन के आसपास का एक छोटा हिस्सा ही दिल्ली सीमा में आता है, जबकि सड़क मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश प्रशासन के अंतर्गत है। ऐसे में दिल्ली एमसीडी द्वारा अचानक टोल स्थापित करना “अनुचित कब्जे” जैसा कदम बताया जा रहा है।
सेक्युलर इंकलाब पार्टी के प्रमोद गोस्वामी, भाजपा कार्यकर्ताओं और स्थानीय व्यापारियों ने टोल पॉइंट का कड़ा विरोध करते हुए मांग की कि एमसीडी तुरंत यह बैरियर हटाए और सड़क आम जनता के लिए सुचारू रूप से खुली रखी जाए
विरोध कर रहे नागरिको का कहना था कि जब यह सड़क उत्तर प्रदेश सरकार की है, तो टेक्स (टैक्स) दिल्ली एमसीडी कैसे ले सकती है? क्या यहां से दिल्ली में कोई प्रवेश बिंदु बनता है? यह जनता पर अनावश्यक बोझ डालने जैसा है।”
व्यापारियों में रोष, रोजमर्रा की आवाजाही पर प्रभाव
व्यापारियों और दूकानदारों का कहना है कि टोल लगने से स्थानीय आवागमन प्रभावित होगा और छोटे दुकानदारों पर अतिरिक्त आर्थिक भार पड़ेगा। लोगों का आरोप है कि न तो उनसे कोई राय ली गई और न ही किसी प्रकार की आधिकारिक सूचना जारी की गई।
तेजपाल सिंह, नरेश आर्य, रियाज़, नीरज अग्रवाल, पवन कुमार सहित बड़ी संख्या में लोग इस विरोध में शामिल हुए।
प्रदर्शन जारी रहने की चेतावनी
स्थानीय नागरिकों ने स्पष्ट कहा है कि यदि एमसीडी टोल हटाने के अपने मौखिक आश्वासन पर अमल नहीं करती, तो वे पुनः बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

