
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
अमेठी। कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत महराजपुर गांव में सड़क हादसे में जान गंवाने वाले तीनों दोस्तों का रविवार को अंतिम संस्कार किया गया। तीनों की अर्थियां एक साथ उठने से गांव में शोक का माहौल रहा। शनिवार देर शाम पोस्टमॉर्टम के बाद तीनों शव गांव पहुंचे थे।
ग्रामीणों के अनुसार, यह पहली घटना थी जिसमें एक साथ तीन नौजवानों की जान गई। इस दुखद घटना के कारण शनिवार को पूरे गांव में चूल्हे नहीं जले और रविवार को महराजपुर बाजार भी पूरी तरह बंद रहा। रविवार को सेना के जवान भी महराजपुर पहुंचे।
डोगरा रेजीमेंट की टुकड़ी ने लांस नायक उत्कर्ष सिंह के पार्थिव शरीर को गार्ड ऑफ ऑनर दिया और सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी। मानिकपुर घाट पर सेना की मौजूदगी में उनका अंतिम संस्कार किया गया। इस अंतिम यात्रा में हजारों लोग शामिल हुए।
लांस नायक उत्कर्ष सिंह का अंतिम संस्कार मानिकपुर घाट पर हुआ। जबकि बृजेश उर्फ अंशू को शृंगवेरपुर घाट पर अंतिम विदाई दी गई। बजरंग सिंह का अंतिम संस्कार गांव के बाग में किया गया।
यह दुर्घटना शुक्रवार रात को हुई थी।पीपरपुर के हारीपुर में दोस्त हीरालाल के वैवाहिक कार्यक्रम से घर लौटते समय अमेठी-सुल्तानपुर मार्ग पर थौरा के पास हुई दर्द नाकघटना में महराजपुर गांव निवासी भारतीय सेना के लांस नायक उत्कर्ष सिंह (32), बजरंग सिंह (27) और बृजेश उर्फ अंशू (30) ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया था। लांस नायक उत्कर्ष सिंह के परिवार में उनकी पत्नी सोनम और दो छोटे बच्चे माही व रुद्र हैं। इस दुखद घटना के बाद रिश्तेदार और ग्रामीण सुबह से ही शोक संतप्त परिवारों को सांत्वना देने के लिए जमा रहे।

