बरेली

नये सत्र से सीबीएसई ने स्किल एजुकेशन के अंतर्गत कौशल बोध का पाठयक्रम किया अनिवार्य।  

कक्षा 6 से 8 तक होगा लागू

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बरेली : सीबीएसई ने शैक्षणिक सत्र 2026–27 से कक्षा 6 से 8 तक ‘कौशल बोध’ पाठ्यक्रम को अनिवार्य रूप से लागू करने की घोषणा की है, ताकि विद्यार्थियों को प्रारंभिक स्तर से ही कौशल आधारित, अनुभवात्मक एवं भविष्य उन्मुख शिक्षा से जोड़ा जा सके। इसी संदर्भ में रुद्रपुर स्थित दिल्ली पब्लिक स्कूल में एक महत्वपूर्ण कौशल शिक्षा कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें पद्मावती सीनियर सेकेंडरी स्कूल की उप-प्राचार्या शिवानी सूरी एवं कोऑर्डिनेटर महिमा रस्तोगी ने सहभागिता करते हुए विस्तृत प्रशिक्षण प्राप्त किया।
कार्यशाला का उद्देश्य शिक्षकों एवं विद्यालय प्रतिनिधियों को स्किल एजुकेशन के चुनौतियों–अवसरों, एनईपी–एनसीएफ ढांचे, ‘कौशल बोध’ पाठ्यचर्या, मूल्यांकन प्रक्रिया एवं कक्षा कक्ष कार्यान्वयन से अवगत कराना था। प्रशिक्षण के दौरान यह भी रेखांकित किया गया कि कौशल आधारित शिक्षा विद्यार्थियों में रचनात्मकता, समस्या-समाधान, सहयोग, जिम्मेदारी, सम्मानजनक कार्य और वास्तविक जीवन कौशल विकसित करती है । कौशल बोध का ढांचा प्रोजेक्ट आधारित है, जिसके तहत कक्षा 6 से 8 तक विद्यार्थियों को तीन प्रकार के कार्यों जीवित प्राणियों से जुड़े कार्य, मशीनों सामग्री आधारित कार्य तथा मानवीय सेवाओं से जुड़े कार्य के माध्यम से प्रति वर्ष तीन प्रोजेक्ट करने होंगे, यानी तीन वर्षों में कुल 9 प्रोजेक्ट, प्रत्येक लगभग 30 घंटे का होगा । यह संरचना विद्यार्थियों को वास्तविक विश्व के कार्य, घरेलू प्रबंधन क्षमताओं और कौशल आधारित करियर संभावनाओं से जोड़ने में सहायक होगी
कार्यशाला के उपरांत उप-प्राचार्या शिवानी सूरी एवं कोऑर्डिनेटर महिमा रस्तोगी अब विद्यालय के शिक्षकों को प्रशिक्षण प्रदान करेंगी, समय-सारणी एवं परियोजना कार्यान्वयन ढांचा विकसित करेंगी तथा यह सुनिश्चित करेंगी कि आगामी सत्र से पद्मावती सीनियर सेकेंडरी स्कूल में कौशल बोध पाठ्यक्रम प्रभावी, सुव्यवस्थित एवं विद्यार्थी-केंद्रित रूप में लागू हो।
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