ललितपुर
श्रद्धा भावना से मनाया गया गुरु तेग बहादुरजी का बलिदान (शहीदी) दिवस

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
ललितपुर। श्रीगुरु सिंह सभा गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के तत्वाधान में श्रीगुरु तेग बहादुर जी का 350 व शहीदी दिवस सिविल लाइन स्थित स्व.अवतार सिंह के आवास पर व गुरुद्वारा साहिब लक्ष्मीपुरा में शाम को श्रद्धा पूर्वक मनाया गया। सुबह श्रीअखंड पाठ साहिब की समाप्ति हुई। अपरांत मुख्य ग्रंथी ज्ञानी दलजीत सिंह ज्ञानी ईश्वर सिंह व झांसी से पधारे हर कीरत सिंह के रागी जत्थे ने गुरबाणी कथा कीर्तन द्वारा संगत को निहाल किया। मुख्य ग्रंथी ज्ञानी दलजीत सिंह ने कहा कि साहिब श्री गुरु तेगबहादुरजी की शहादत सिर्फ इतिहास नहीं, बल्कि धार्मिक स्वतंत्रता और मानव अधिकारों की रक्षा का विश्व स्तर पर अनोखा उदाहरण है। हिंद की चादर कहलाने वाले गुरु जी का बलिदान आज भी हर भारतीय के दिल में साहस, सत्य और आस्था के प्रतीक के रूप में जीवित है। सभा अध्यक्ष ओंकार सिंह सलूजा ने कहा कि सत्रहवीं सदी भारत के लिए काफी कठिन समय था। औरंगजेब के शासन में धार्मिक कट्टरता और जबरन धर्मांतरण की घटनाएं बढ़ गई थीं। खासकर कश्मीर में उसके सूबेदार इफ्तिखार खान द्वारा हिंदुओं पर अत्याचार किए जा रहे थे। डर, हिंसा और जबरदस्ती धर्म बदलवाने की कोशिशों से परेशान होकर कई कश्मीरी ब्राह्मण किसी ऐसे व्यक्ति की तलाश में थे, जो उनकी रक्षा कर सके. इन्हीं परिस्थितियों में 1675 में पंडित कृपा राम के नेतृत्व में एक समूह आनंदपुर साहिब पहुँचा। जब ब्राह्मणों ने अपनी पीड़ा सुनाई, तो सवाल उठा-इन अत्याचारों के खिलाफ खड़ा कौन होगा? जवाब बहुत स्पष्ट था सबसे महान संत ही यह जिम्मेदारी उठा सकते हैं। गुरु तेग बहादुर जी ने बिना झिझक इस जिम्मेदारी को स्वीकार किया। मंत्री मनजीत सिंह सलूजा ने कहा कि गुरु तेग बहादुरजी जानते थे कि उनका बलिदान सिर्फ एक जीवन का अंत नहीं होगा, यह पूरी जनता में हिम्मत और एकता जगाएगा। इस दौरान अध्यक्ष ओंकार सिंह सलूजा, नपाध्यक्ष सोनाली जैन, वरिष्ठ उपाध्यक्ष हरविंदर सिंह सलूजा, कोषाध्यक्ष परमजीत सिंह छतवाल, मंत्री मनजीत सिंह पत्रकार, हरजीत सिंह, गुणबीर सिंह, सुरजीत सिंह खालसा, डा.जे.एस.बक्शी, वीरेंद्र सिंह वीके, जगजीत सिंह बॉबी, सतनाम सिंह भाटिया, लल्लू महाराज, एड.रूपनारायण विश्वकर्मा, स्वामी प्रसाद, भगत सिंह, प्रदीप चौबे, बब्बू राजा, पूर्व नपाध्यक्ष सुभाष जायसवाल, गोपी सिंधी, सुनील अरोरा, जगदीश पाठक, पवन शास्त्री, चंद्रशेखर राठौर, पुष्पेंद्र सिंह बुंदेला, चंद्रशेखर दुबे, जिम्मी, मानवेंद्र कौर, दलजीत सिंह, बिंदु कालरा, बलजीत सिंह, चेतन दुबे, पंकज हुण्डैत आदि मौजूद रहे। संचालन महामंत्री सुरजीत सिंह सलूजा ने किया।
