
नेशनल प्रेस टाइम्स , ब्यूरो
नौकर के नाम की गई 50 लाख रुपए की बीमा पॉलिसी के रुपए हड़पने के लिए आरोपी ने बनाई थी योजना …
पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर i 20 कार की बरामद …..
हापुड (यूपी) – हापुड़ के गढ़मुक्तेश्वर स्थित गंगा घाट पर नकली शव ( डमी ) का अंतिम संस्कार करने पहुंचे 4 संदिग्ध युवकों में से दो युवकों को नगरपालिका गढ़ के जन्म मृत्यु का प्रमाणपत्र देने वाले कर्मचारियों और स्थानीय लोगों ने पकड़ कर पुलिस के हवाले कर दिया । जबकि दो व्यक्ति मौके से भाग निकले । दरअसल यह लोग शव की जगह प्लास्टिक का एक पुतला (डमी) का अंतिम संस्कार कर जलाने वाले थे ।
ब्रजघाट पर एक प्रत्यक्षदर्शी विशाल ने बताया कि , चार युवक हरियाणा नंबर की i 20 कार मेँ एक शव ले कर आये और बिना किसी धार्मिक प्रक्रिया के उसका अंतिम संस्कार करने लगे । जब लोगों को कुछ शक हुआ तो एक व्यक्ति ने जब आगे बढ़कर शव का कफ़न हटाया तो वो चौंक गया । शव की जगह प्लास्टिक का पुतला (डमी) रखा हुआ था । लोगों ने दोनों युवकों को मौके पर ही पकड़ लिया और पुलिस को बुलाकर उन्हें सौंप दिया । लोगों को शक है कि यह मामला किसी बड़ी धोखाधड़ी या आपराधिक साजिश का लग रहा है । किसी जीवित व्यक्ति को मृत दिखाकर बीमे की राशि हड़पने , किसी अपराधी को मृत दर्शाकर कानून से बचाने, या किसी बड़े क्राइम प्लान के तहत यह पुतला जलाया जा रहा था । पुलिस ने तत्काल दोनों युवकों को हिरासत में लेकर से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश में है कि पुतले को शव बताकर अंतिम संस्कार करने की कोशिश के पीछे असल साजिश क्या थी ।
इस मामले में गढ़ कोतवाली के इंस्पेक्टर मनोज बालियान ने जानकारी देते हुए बताया कि , कमल सोमानी ने पूछताछ में बताया कि वह दिल्ली के करोलबाग में कपड़े की दुकान करता है और 50 लाख के कर्ज में दबा हुआ है। जिसे चुकता करने के लिए उसने एक साजिश रचते हुए अपनी दुकान में कुछ समय पहले काम करने वाले अपने नौकर नीरज से बहाना बनाकर उसके भाई अंशुल का आधार कार्ड और पेनकार्ड मंगा लिया था। जिनका दुरुपयोग करते हुए उसने करीब एक साल पहले अंशुल का टाटा एआई का इंश्योरेंस करा लिया था और उसकी नियमित किस्त भी अदा करता आ रहा था । कर्ज उतारने को लेकर रची गई साजिश के तहत वह अपने दोस्त के साथ अंशुल का पुतला कार में रखकर दाह संस्कार करने के मकसद से ब्रजघाट के श्मशान घाट में आया था। कमल सोमानी ने पुलिस की पूछताछ में बताया कि अगर वह डमीनुमा पुतले का दाह संस्कार करने में सफल हो जाता तो उसके प्रमाण के आधार पर बीमा क्लेम लेकर अपना कर्जा चुका देता। लेकिन वह पकड़ा गया ।



